गरियाबंद उरमाल अश्लील डांस कांड: एसडीएम निलंबित, प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त कार्रवाई

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला के उरमाल गांव में आयोजित नृत्य-नाटक-संगीत कार्यक्रम के दौरान सामने आई अश्लीलता के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। 16 जनवरी 2026 को आयोजन स्थल को अनुमति देने वाले और कार्यक्रम के दौरान मौके पर मौजूद रहकर अश्लील गतिविधियों को न रोक पाने के आरोप में मैनपुर एसडीएम तुलसीदास मरकाम को निलंबित कर दिया गया है और उन्हें बलौदा बाजार भाटापारा से अटैच कर दिया गया है। यह कार्रवाई जांच में प्रथमदृष्टया कर्तव्यहीनता और प्रशासनिक लापरवाही पाए जाने के बाद की गई।
क्या है पूरा मामला
उरमाल गांव में 5 से 9 जनवरी 2026 के बीच आयोजित कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें मंच पर अश्लील नृत्य और नियमों की खुली अवहेलना दिखाई दी। आरोप है कि कार्यक्रम को अनुमति देते समय शर्तों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया और आयोजन के दौरान मौजूद अधिकारियों ने अश्लीलता पर रोक लगाने के लिए समय पर हस्तक्षेप नहीं किया।
एसडीएम पर कार्रवाई क्यों
जांच में सामने आया कि एसडीएम ने आयोजन को अनुमति दी थी और कार्यक्रम के दौरान स्थल पर मौजूद रहने के बावजूद नियमों के उल्लंघन को रोकने में विफल रहे। प्रशासन का मानना है कि सार्वजनिक कार्यक्रम में शालीनता, कानून-व्यवस्था और सामाजिक मर्यादा बनाए रखना अनिवार्य था, जिसे सुनिश्चित नहीं किया गया। इसी आधार पर 16 जनवरी को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
आयोजक, डांसर और पुलिस पर भी शिकंजा
मामले में आयोजन समिति के 14 सदस्यों को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में गिरफ्तार किया गया, जिन्हें बाद में जमानत मिली। बाहर से आई एक डांसर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य की तलाश जारी है। वहीं, ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में देवभोग थाने के एक हेड कांस्टेबल सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
आयोजन स्थल और गांव की निकटता
कार्यक्रम गांव के केंद्रीय खुले मैदान में हुआ, जो मुख्य बस्ती से करीब 100 से 300 मीटर की दूरी पर है। खुले और सार्वजनिक स्थान होने के कारण ग्रामीणों के साथ-साथ परिवार और किशोरों की पहुंच आसान रही, जिससे सामाजिक आपत्तियां और बढ़ीं।
नाबालिगों की उपस्थिति की जांच
राज्य बाल संरक्षण आयोग ने मामले का स्वतंत्र आकलन शुरू किया है। यदि जांच में नाबालिगों की उपस्थिति और उनके सामने अश्लील प्रदर्शन की पुष्टि होती है, तो कड़ी धाराएं लागू होंगी और मामला सत्र न्यायालय तक जा सकता है। फिलहाल इस बिंदु पर जांच जारी है।
आगे क्या
सभी आरोपियों के खिलाफ विवेचना चल रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक आयोजनों में नियमों का उल्लंघन करने वालों और जिम्मेदारी निभाने में विफल अधिकारियों पर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। उरमाल प्रकरण को प्रशासनिक जवाबदेही का उदाहरण बताते हुए भविष्य में अनुमति प्रक्रिया और निगरानी को और सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
