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रायपुर में नक्सलवाद पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की समीक्षा बैठक

रायपुर
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में आज नक्सलवाद (Left-Wing Extremism) को समाप्त करने की दिशा में एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर चुके हैं। यह बैठक 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने के केंद्र सरकार के लक्ष्य के करीब पहुँचने के मद्देनज़र आयोजित की गई थी।

मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार शाह 7 से 9 फ़रवरी तक तीन दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ में हैं। 8 फ़रवरी को आयोजित उच्च-स्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार, केंद्रीय गृह सचिव, खुफिया शीर्ष अधिकारियों के अलावा कई राज्यों के पुलिस महानिदेशकों और सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी जैसे केंद्रीय बलों के प्रमुख शामिल रहे। बैठक में वर्तमान रणनीति, इंटेलिजेंस समीक्षा और मौजूदा अभियानों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई।

शाह ने बैठक के बाद X (पूर्व ट्विटर) पर साझा किए संदेश में कहा कि सुरक्षा-केंद्रित रणनीति, अवसंरचना विकास, नक्सलियों के वित्तीय नेटवर्क को कमजोर करना तथा सरेंडर नीति के प्रभाव से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, और नक्सलवाद को 31 मार्च तक पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य अब “हाथ के भीतर” दिख रहा है।

बैठक में शामिल वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि नक्सल प्रभावित जिलों में अभियानों को और तेज किया जाएगा, सुरक्षा बलों के समन्वय को और मजबूत किया जाएगा और क्षेत्रीय विकास योजनाएं भी नक्सल-विरोधी रणनीति का अभिन्न हिस्सा हैं। बस्तर जैसे प्रमुख प्रभावित जिलों पर विशेष फोकस रखा गया है, जहाँ पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों की सक्रियता और प्रशासनिक प्रयासों से हिंसा के स्तर में गिरावट दर्ज हुई है।

इससे पहले केंद्रीय गृहमंत्री ने इसी मुद्दे पर नक्सल प्रभावित राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और खुफिया एजेंसियों के साथ भी बैठकें की थीं, ताकि अंतर्देशीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की जा सके।


क्या कहा गया लक्ष्य है?

केंद्र सरकार की आधिकारिक रूप से घोषित रणनीति के तहत वामपंथी उग्रवाद को मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, प्रभावित इलाकों में विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता देना तथा स्थानीय जनसमुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों से वैकल्पिक रणनीति काम कर रही है, जिससे इस तरह का लक्ष्य संभव प्रतीत हो रहा है।

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