दलको बांध की नहर ध्वस्त, तीन गांवों की खेती पर संकट
रामानुजगंज, बलरामपुर। दलको बांध से निकली सिंचाई नहर के बार-बार टूटने से क्षेत्र के नगरा, भवरमाल और धनपुरी गांवों के सैकड़ों किसान गंभीर संकट में हैं। नहर का एक्वाडक्ट तकनीकी रूप से कमजोर बताया जा रहा है, जिसके कारण पानी खेतों तक पहुंचने के बजाय सीधे कन्हर नदी में बह जा रहा है।
बांध भरा, खेत प्यासे
स्थानीय किसानों का कहना है कि बांध में पर्याप्त पानी मौजूद है, लेकिन नहर की जर्जर हालत ने पूरी सिंचाई व्यवस्था को बेअसर कर दिया है। खेतों में खड़ी फसलें पानी के अभाव में मुरझाने लगी हैं। किसान राकेश गुप्ता सहित कई प्रभावितों ने बताया कि बीज, खाद और जुताई पर लगाया गया पैसा डूबने की कगार पर है।
ग्रामीणों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब नहर टूटी हो। पहले भी अस्थायी मरम्मत की गई, पर कुछ ही दिनों में स्थिति फिर जस की तस हो जाती है। कई बार किसानों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर अस्थायी पैबंद लगवाया, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हुआ।
प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल

जल संसाधन विभाग के एसडीओ सुजीत गुप्ता ने नहर क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि करते हुए कहा कि मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू कराया जाएगा। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई में देरी हो रही है। हालिया स्थिति पर विभाग की ओर से कोई स्पष्ट प्रगति रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
मुआवजे पर अस्पष्टता

फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को राहत को लेकर भी तस्वीर साफ नहीं है। राज्य की प्राकृतिक आपदा राहत नीति के तहत सिंचित फसल हानि पर प्रति हेक्टेयर सहायता का प्रावधान है, लेकिन अब तक न तो सर्वे की घोषणा हुई है और न ही मुआवजे को लेकर कोई औपचारिक सूचना जारी हुई है।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी मरम्मत, फसल सर्वे और राहत की घोषणा नहीं हुई, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। फिलहाल निगाहें जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर टिकी हैं।
