Institutional

रामानुजगंज में ज्ञानोत्सव 2026 का विराट शुभारंभ

रामानुजगंज में ज्ञानोत्सव 2026 का विराट शुभारंभ

 

550 कलशों की गरिमा, सैकड़ों ध्वजों की आभा और वैदिक मंत्रों से गुंजायमान हुआ नगर

 

रामानुजगंज। नगर ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृश्य का साक्षी बनकर स्वयं को धन्य अनुभव किया। ज्ञानोत्सव 2026 का शुभारंभ 550 कलशों और संस्था के सैकड़ों ध्वजों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा से हुआ। नगर की प्रमुख सड़कों पर जब केसरिया ध्वज लहराए और श्रद्धालु कलश धारण कर आगे बढ़े, तो वातावरण श्रद्धा, ऊर्जा और उत्साह से भर उठा। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया।

 

इस आयोजन को क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख समाचार पत्रों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है, जिससे इसकी व्यापकता और प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है।

 

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर संस्था के मार्गदर्शक बजरंग मुनि जी के कर कमलों से विधिवत ध्वजारोहण संपन्न हुआ। इस क्षण ने उपस्थित जनसमूह में एक नई प्रेरणा और संकल्प का संचार किया। आयोजन स्थल पर सुसज्जित भव्य पांडाल में आगामी दिनों की विस्तृत कार्यक्रम श्रृंखला की शुरुआत हुई।

 

प्रथम दिवस: वैदिक यज्ञ से आरंभ, विचार और कथा का संगम

 

ज्ञानोत्सव के प्रथम दिन आज प्रातः 8:00 बजे गायत्री यज्ञशाला में वैदिक यज्ञ के साथ आध्यात्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत होगी। सुप्रसिद्ध वैदिक विद्वान सुधांशु जी महाराज के ओजस्वी पौरोहित्य में यज्ञ संपन्न होगा। आज के यज्ञ के यजमान मनीष अग्रवाल, द्वारिका पांडे, अनुप गुप्ता तथा अजय गुप्ता (मनोकामना वस्त्रालय) रहेंगे।

 

प्रातः 11:00 बजे लिटिल फ्लावर स्कूल प्रांगण में “ग्रामसभा की व्यवस्था में भूमिका” विषय पर वैचारिक संगोष्ठी आयोजित होगी। यह सत्र सामाजिक संरचना, सहभागिता और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर गंभीर मंथन का मंच बनेगा।

 

दोपहर 2:00 बजे से आमंत्रण धर्मशाला में भागवत कथा का वाचन प्रारंभ होगा। सायं 5:00 बजे ज्ञान कथा तथा 6:30 बजे सनातन कथा का आयोजन रहेगा। वहीं सायं 6:00 बजे स्वामी त्याग मूर्ति जी सनातन संस्कृति और भगवान राम के आदर्शों पर विशेष प्रवचन देंगे।

 

दिनभर रहेगा भंडारा, आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हुआ नगर

 

श्रद्धालुओं के लिए प्रातः 11:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक भंडारे की व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति ने अधिकाधिक श्रद्धालुओं से सहभागी बनने की अपील की है।

 

ज्ञानोत्सव 2026 केवल धार्मिक आयोजन भर नहीं, बल्कि वैचारिक जागरण और सांस्कृतिक चेतना का समन्वित प्रयास बनकर उभर रहा है। पहले ही दिन जिस प्रकार नगरवासियों ने सहभागिता दिखाई है, उससे स्पष्ट है कि आगामी दिनों में यह उत्सव और अधिक व्यापक स्वरूप लेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *