बिलासपुर के ₹3.35 करोड़ के सर्राफा लूट कांड का ‘मिर्जापुर’ में अंत: एनकाउंटर के बाद मास्टरमाइंड विजय लाम्बा सहित 4 गिरफ्तार
बिलासपुर/मिर्जापुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में राजकिशोर नगर के सर्राफा कारोबारी संतोष तिवारी के साथ हुई ₹3.35 करोड़ की सनसनीखेज लूट के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चार बदमाशों को मिर्जापुर के अहरौरा इलाके से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी से पहले हुई मुठभेड़ (शॉर्ट एनकाउंटर) में मुख्य आरोपी विजय लाम्बा और उसके एक अन्य साथी के पैर में गोली लगी है।
‘गेट-सेट-गो’ रणनीति से मिली कामयाबी
बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने घटना के बाद ‘गेट-सेट-गो’ रणनीति के तहत 10 विशेष टीमें गठित की थीं। एसएसपी के अवकाश पर होने के बावजूद उन्होंने स्वयं पूरी जांच की मॉनिटरिंग की। पुलिस ने जमीनी नेटवर्क (बीट सिस्टम) और हाईटेक सर्विलांस का बेहतरीन तालमेल दिखाया।
ऐसे पकड़े गए लुटेरे

- सीसीटीवी और तकनीक का सहारा: पुलिस ने बिलासपुर से लेकर राज्य की सीमाओं तक सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
- चोरी की गाड़ियों का सुराग: जांच में पता चला कि वारदात में इस्तेमाल बाइक नगर सैनिक राकेश चौबे की थी, जिसे मैनपाट से चुराया गया था। वहीं, सफेद इको वैन अकलतरा से चोरी की गई थी।
- मिर्जापुर में घेराबंदी: तकनीकी इनपुट से पता चला कि आरोपी स्कॉर्पियो से उत्तर प्रदेश की ओर भाग रहे हैं। बिलासपुर पुलिस ने यूपी पुलिस से संपर्क साधा। मिर्जापुर के पास जब पुलिस ने बदमाशों को रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में मास्टरमाइंड विजय लाम्बा और मोनू (गौतमबुद्ध नगर निवासी) के पैर में गोली लगी।
जब्ती और अगली कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, लुटेरों के पास से करीब 2.2 से 3.7 किलोग्राम सोना और नकदी बरामद होने की खबर है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि मिर्जापुर पुलिस आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में करेगी। गिरफ्तार आरोपियों में विनोद प्रजापति (कोटा) और करीम खान (बरेली) भी शामिल हैं।
बिलासपुर पुलिस अब प्रोडक्शन वारंट लेकर आरोपियों को छत्तीसगढ़ लाने की तैयारी कर रही है, जिसके बाद लूट के शेष माल की बरामदगी और पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
