बलरामपुर: उद्योग सखियों के पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का समापन, ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर
बलरामपुर | जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर के कुशल मार्गदर्शन में जिले की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत गठित प्रोड्यूसर ग्रुप की ‘उद्योग सखियों’ के लिए आयोजित पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का शुक्रवार को जेंडर रिसोर्स सेंटर, बलरामपुर में समापन हुआ।

कुशल उद्यमिता और बाजार प्रबंधन पर केंद्रित रहा प्रशिक्षण
16 फरवरी से शुरू हुए इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न प्रोड्यूसर ग्रुप से चयनित उद्योग सखियों ने हिस्सा लिया। राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स और ‘प्रदान’ संस्था के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को निम्नलिखित मुख्य विषयों पर प्रशिक्षित किया:
बिजनेस स्ट्रैटेजी: समूह आधारित आजीविका संवर्धन और उत्पाद चयन।
वित्तीय साक्षरता: लागत विश्लेषण (Cost Analysis), उत्पादों का मूल्य निर्धारण और लाभांश की गणना।
मार्केटिंग: बाजार की मांग को समझना और प्रभावी विपणन रणनीतियां।
पारदर्शिता: सुचारू संचालन के लिए रिकॉर्ड संधारण और पंजियों के रख-रखाव का प्रशिक्षण।
सीईओ ने किया निरंतर मार्गदर्शन
प्रशिक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर ने समय-समय पर केंद्र का अवलोकन किया। उन्होंने प्रशिक्षण ले रही महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि, “उद्योग सखियां प्रोड्यूसर ग्रुप की रीढ़ हैं। जब ये महिलाएं वित्तीय और व्यावसायिक रूप से दक्ष होंगी, तभी ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका के अवसर पैदा होंगे और महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी।”
आजीविका के नए अवसर
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य उद्योग सखियों को बाजार की चुनौतियों के लिए तैयार करना है ताकि वे अपने समूहों को अधिकतम लाभ दिला सकें। वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता कौशल से लैस होकर ये महिलाएं अब अपने क्षेत्र में अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।
मुख्य बिंदु:
अवधि: 16 से 20 फरवरी 2026 (5 दिवसीय)
स्थान: जेंडर रिसोर्स सेंटर, बलरामपुर
सहयोग: एनआरएलएम (NRLM) एवं प्रदान (PRADAN) संस्था
