रांची पुलिस का बड़ा एक्शन: उत्पाद सिपाही परीक्षा में पेपर लीक की साजिश नाकाम, सरगना समेत 164 गिरफ्तार
रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा रविवार को आयोजित ‘झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा’ में सेंधमारी की एक बड़ी कोशिश को रांची पुलिस ने विफल कर दिया है। पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य सरगना अतुल वत्स सहित कुल 164 लोगों को गिरफ्तार किया है।

निर्माणाधीन भवन में चल रही थी ‘रटने’ की पाठशाला
एसएसपी राकेश रंजन को मिली गुप्त सूचना के आधार पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में तमाड़ थाना क्षेत्र के एक निर्माणाधीन भवन में छापेमारी की गई। 11 अप्रैल की देर रात हुई इस कार्रवाई के दौरान वहां भारी अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से 159 अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया, जिनमें 7 महिलाएं भी शामिल हैं।
10 से 15 लाख रुपये में हुआ था सौदा
जांच में यह बात सामने आई है कि गिरोह के एजेंट अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के बदले 10 से 15 लाख रुपये की वसूली कर रहे थे। गिरोह का तरीका यह था कि वे अभ्यर्थियों को किसी सुनसान जगह पर इकट्ठा करते थे और वहां लीक हुए प्रश्न-पत्रों के उत्तर याद करवाए जाते थे। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- प्रश्न-उत्तर के तैयार सेट और प्रिंटर।
- भारी मात्रा में मोबाइल फोन और फटे हुए एडमिट कार्ड।
- अभ्यर्थियों द्वारा दिए गए बैंक चेक और 8 गाड़ियां।
कौन है मास्टरमाइंड अतुल वत्स?
पकड़ा गया मुख्य आरोपी अतुल वत्स बिहार के जहानाबाद का रहने वाला है। उसका आपराधिक रिकॉर्ड बेहद चौंकाने वाला है। वह देश के कई बड़े परीक्षा घोटालों का मुख्य चेहरा रहा है, जिनमें शामिल हैं:
- 2024: नीट (NEET) पेपर लीक, यूपी सिपाही भर्ती और आरओ/एआरओ (RO/ARO) परीक्षा।
- 2017: राजस्थान क्लर्क भर्ती परीक्षा।
प्रशासनिक कार्रवाई जारी
तमाड़ थाना में इस मामले को लेकर कांड संख्या 21/26 दर्ज की गई है। रांची पुलिस अब झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के साथ समन्वय स्थापित कर गिरोह के स्थानीय नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि इस संगठित गिरोह के तार कई अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।
