गम्हरिया के रोजवादामर में वनभूमि पर कुल्हाड़ी चलाने वालों पर नकेल: वन, राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम ने शुरू किया सीमांकन
रामानुजगंज (बलरामपुर)। रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के ग्राम गम्हरिया अंतर्गत रोजवादामर क्षेत्र में 100 एकड़ से अधिक वनभूमि पर हजारों पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और अतिक्रमण के आरोपों के बाद प्रशासन सख्त रुख में आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को वन विभाग, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी और जमीन का सीमांकन (चिन्हांकन) कार्य शुरू किया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वनभूमि पर हुए किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को शीघ्र ही बलपूर्वक हटाया जाएगा।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार रोजवादामर क्षेत्र में विभाग द्वारा पूर्व में किए गए प्लांटेशन पर पिछले 15 से 20 दिनों से कुल्हाड़ी चलाई जा रही थी। ग्रामीणों का दावा है कि करीब 100 एकड़ के दायरे में फैले आंवला, बहेरा, हर्रा जैसी फलदार व औषधीय प्रजातियों समेत हजारों वृक्ष काट दिए गए हैं। इतना ही नहीं, इलाके में मचान बनाकर जमीन को आपस में बांटने और काबिज होने की सुनियोजित तैयारी के भी आरोप लगे हैं, हालांकि इन दावों की अब तक आधिकारिक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इससे पहले गम्हरिया में ग्रामीणों और वन प्रबंधन समिति के सदस्यों की एक बैठक भी हुई थी, जिसमें जंगलों के विनाश और कब्जे को लेकर भारी आक्रोश देखा गया था। बैठक के दौरान प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जाकिर अंसारी की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए गए थे, जिनकी जांच की जा रही है।
इधर, प्रशासनिक स्तर पर संयुक्त टीम अब रोजवादामर में राजस्व और वन सीमा का सटीक निर्धारण कर रही है। चिन्हांकन प्रक्रिया पूरी होते ही अतिक्रमण वाले हिस्सों को चिह्नित कर बेदखली की विधिसम्मत कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।
रामानुजगंज परिक्षेत्राधिकारी (रेंजर) डॉ. दिलरुबा ए. बानो ने स्पष्ट किया है कि वनभूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा या निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पेड़ों की अवैध कटाई और अतिक्रमण में संलिप्त पाए जाने वाले तत्वों के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
