शिक्षक को ब्लैकमेल कर रंगदारी मांगने का मामला: हाईकोर्ट से झटका लगने के बाद यूट्यूबर दीपक यादव समेत 3 ने कोर्ट में किया सरेंडर, जेल दाखिल
बलरामपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में पदस्थ एक शिक्षक को कथित रूप से धमकाकर अवैध उगाही करने और सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो प्रसारित कर छवि धूमिल करने के गंभीर मामले में पस्ता पुलिस ने यूट्यूबर दीपक यादव समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत खारिज होने के उपरांत तीनों आरोपियों ने 14 अक्टूबर को सक्षम न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। अदालत से विधिवत अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने तीनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।

फाउंडेशन के नाम पर 10 हजार की मांग, अभद्र व्यवहार का आरोप
पुलिस से प्राप्त विवरण के अनुसार, पस्ता थाना अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला पुटसु में पदस्थ सहायक शिक्षक एवं प्रभारी प्रधान पाठक रुकमन बारीक ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 25 अगस्त 2026 को दोपहर लगभग एक बजे श्रवण यादव और सूर्या यादव बिना किसी शासकीय अनुमति के शाला परिसर में घुसे और वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगे। जब शिक्षक ने आपत्ति जताई, तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और अपने तथाकथित फाउंडेशन के लिए 10 हजार रुपये की मांग रखी। आरोप है कि शिक्षक द्वारा रुपये देने से इनकार करने पर आरोपियों ने वीडियो को यूट्यूब और फेसबुक पर प्रसारित कर बदनाम करने और नौकरी से सस्पेंड कराने की सीधी धमकी दी।
सोशल मीडिया पर वायरल किया वीडियो, बीएनएस की धाराओं में अपराध दर्ज
शिकायतकर्ता के मुताबिक, दीपक यादव ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उक्त वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर सार्वजनिक रूप से वायरल कर दिया। इससे न केवल शिक्षक की व्यक्तिगत व सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची, बल्कि शैक्षणिक संस्थान की छवि भी प्रभावित हुई। शिक्षक की रिपोर्ट पर पस्ता थाना में अपराध क्रमांक 44/2026 के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 351(2), 308(2), 356(3) एवं 3(5) के तहत गैर-जमानती अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज, साक्ष्य जुटाकर पुलिस ने की कार्रवाई
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने शिक्षक व प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान दर्ज किए और घटनास्थल का मुआयना किया। इसके अलावा सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री, फोटो के स्क्रीनशॉट्स और संबंधित डिजिटल साक्ष्य पेन ड्राइव में जब्त किए गए। साथ ही शिक्षक की नियुक्ति व पदस्थापना के आधिकारिक दस्तावेज भी फाइल में शामिल किए गए। कार्रवाई से बचने के लिए मुख्य आरोपी दीपक यादव ने बिलासपुर उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसे अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दिया था।
न्यायालय से राहत न मिलने पर दीपक यादव, श्रवण यादव और सूर्या यादव ने 14 अक्टूबर को न्यायालय में सरेंडर किया, जहां से पस्ता पुलिस ने प्रक्रिया पूरी कर उन्हें जेल दाखिल कराया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
- दीपक यादव (23 वर्ष), निवासी ग्राम टांगरमहरी, थाना बलरामपुर
- श्रवण यादव (34 वर्ष), निवासी ग्राम पुटसु, थाना पस्ता
- सूर्या यादव (20 वर्ष), निवासी इंदिरा गांधी वार्ड क्र. 04, बलरामपुर
सोशल मीडिया का दुरुपयोग न करने की पुलिस की अपील
इस कार्रवाई के बाद बलरामपुर पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म चलाने वालों से अपील की है कि वे डिजिटल माध्यमों का उपयोग जिम्मेदारी के साथ करें। किसी भी व्यक्ति या संस्था की छवि को बिना पुष्टि के आहत करने वाली सामग्री का प्रसार कानूनन अपराध है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति मीडिया या अन्य आड़ में किसी को डरा-धमकाकर अवैध वसूली का प्रयास करता है, तो नागरिक बिना किसी भय के तुरंत निकटतम थाने में सूचना दें।
