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छत्तीसगढ़ कैबिनेट की साल की आख़िरी बैठक में बड़े फैसले

  • छत्तीसगढ़ कैबिनेट की साल की आख़िरी बैठक में बड़े फैसले

वनवासी अर्थव्यवस्था, पुलिस सुधार, कृषि-उद्योग और कर राहत पर सरकार का फोकस

नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 31 दिसंबर 2025 को महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। वर्ष 2025 की इस अंतिम बैठक में सरकार ने 2026 की दिशा तय करने वाले कई अहम निर्णय लिए। बैठक का मुख्य जोर वनवासी संग्राहकों की आय सुरक्षा, किसानों और मिलर्स को राहत, उद्योग व निवेश प्रोत्साहन तथा पुलिस-प्रशासनिक सुधारों पर रहा।

पुलिस और प्रशासनिक सुधार

कैबिनेट ने रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू करने को मंजूरी दी। यह व्यवस्था 23 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी। सरकार का मानना है कि इससे कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और अपराध नियंत्रण में तेज़ी आएगी।
इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (SPO) का एक पद एक वर्ष के लिए सृजित करने का निर्णय लिया गया।

वनोपज और तेंदूपत्ता संग्राहकों को राहत

वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता खरीदी के लिए ₹5,500 प्रति मानक बोरा की दर से ऋण गारंटी स्वीकृत की गई। इससे लाखों संग्राहकों को समय पर भुगतान और आय में स्थिरता मिलेगी।

छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को गैर-राष्ट्रीयकृत वनोपज के संग्रह, प्रसंस्करण और विपणन के लिए ₹30 करोड़ का एकमुश्त ब्याज-मुक्त ऋण मंजूर किया गया।

 

कृषि और मिलिंग सेक्टर के फैसले

राइस मिलर्स को बड़ी राहत देते हुए कस्टम मिलिंग बैंक गारंटी पर स्टांप शुल्क 0.25% से घटाकर 0.05% कर दिया गया।

कोदो, कुटकी और रागी जैसी मोटे अनाज की खरीदी-विपणन योजना में कार्यशील पूंजी ऋण और उसना मिलिंग प्रोत्साहन को ₹20 से ₹40 प्रति क्विंटल तक बढ़ाने की स्वीकृति दी गई। इसका उद्देश्य मोटे अनाज के उत्पादन और बाजार को मजबूती देना है।

 

उद्योग, निवेश और कर राहत

कैबिनेट ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी दी। सरकार के अनुसार इससे निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
इसके अलावा, 20 जनवरी से 5 फरवरी 2026 तक होने वाले रायपुर इंटरनेशनल ऑटो एक्सपो में बिकने वाले वाहनों पर लाइफटाइम रोड टैक्स में 50% छूट देने का निर्णय लिया गया, जिससे ऑटो सेक्टर को प्रोत्साहन मिलेगा।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

अंत्यावसायी विकास निगम के पुराने ऋण के भुगतान के लिए ₹55.69 करोड़ का प्रावधान किया गया। इससे निगम को हर साल लगभग ₹2.40 करोड़ की ब्याज बचत होगी।

 

समग्र आकलन

साय सरकार की इस बैठक को 2026 की नीतिगत तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। एक तरफ वनवासी और कृषि अर्थव्यवस्था को सहारा दिया गया है, तो दूसरी ओर पुलिस व्यवस्था और औद्योगिक निवेश को गति देने के फैसले लिए गए हैं। साल के आख़िरी दिन हुई यह बैठक सरकार की प्राथमिकताओं को साफ़ तौर पर सामने रखती है।

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