खाकी का मानवीय चेहरा: नागदा में SHO ने फंदे से उतरे ‘मृत’ युवक को CPR देकर दी नई जिंदगी
नागदा (उज्जैन): कहते हैं कि ‘जाको राखे साइयां मार सके न कोय’। इस कहावत को उज्जैन जिले के नागदा में एक पुलिस अधिकारी ने सच कर दिखाया। जहाँ परिजनों ने युवक को मृत समझकर उम्मीद छोड़ दी थी और घर में मातम पसर गया था, वहीं एक पुलिस जांबाज ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से मौत के मुंह में जा चुके युवक की सांसें वापस लौटा दीं।
परिजनों ने मान लिया था मृत
मिली जानकारी के अनुसार, नागदा क्षेत्र के एक युवक ने अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश की थी। जब परिजनों ने उसे फंदे पर लटका देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में युवक को नीचे उतारा गया, लेकिन शरीर में कोई हलचल न होने के कारण परिजनों ने उसे मृत मान लिया। मौके पर चीख-पुकार मच गई और परिजन रोने-बिलखने लगे।
देवदूत बनकर पहुंचे SHO
तभी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी (SHO) ने हार नहीं मानी। उन्होंने देखा कि युवक का शरीर अभी पूरी तरह ठंडा नहीं पड़ा था। बिना समय गंवाए, अधिकारी ने CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया।
चमत्कारिक पल:
• पुलिस अधिकारी लगातार युवक की छाती को पंप करते रहे।
• कुछ मिनटों की कड़ी मशक्कत के बाद युवक के शरीर में हलचल हुई और उसने अचानक सांस लेना शुरू कर दिया।
• वहां मौजूद लोग यह देखकर दंग रह गए कि जिस युवक को ‘लाश’ समझ लिया गया था, वह दोबारा जीवित हो उठा।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग पुलिस अधिकारी की इस तत्परता और संवेदनशीलता की जमकर तारीफ कर रहे हैं। युवक को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
