ज्ञान यज्ञ परिवार की मासिक बैठक संपन्न, ज्ञानोत्सव 2026 की तैयारियों पर हुआ विस्तृत विमर्श
रामानुजगंज।
रामानुजगंज नगर में लगभग छह दशकों से सामाजिक सरोकारों से जुड़ी संस्था ज्ञान यज्ञ परिवार की मासिक बैठक 3 जनवरी 2026 को सायं 6:00 बजे आमंत्रण धर्मशाला में संपन्न हुई। बैठक संस्था के संरक्षक कन्हैयालाल अग्रवाल एवं अध्यक्ष मोहन गुप्ता की उपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक में संस्था से जुड़े विभिन्न उपक्रमों के सहयोगियों ने अपने-अपने मासिक कार्य-विवरण प्रस्तुत किए।
ज्ञान यज्ञ परिवार एवं मां संस्थान द्वारा संचालित आमंत्रण धर्मशाला में आठ अतिरिक्त कमरों के नवनिर्माण कार्य की प्रगति, व्यय और सहयोगियों की जानकारी श्री अजय कुमार गुप्ता जी द्वारा प्रस्तुत की गई। वहीं लिटिल फ्लावर स्कूल की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के संपन्न होने, आगामी वार्षिक कार्यक्रमों की तैयारी तथा अभिभावक शिक्षक सम्मेलन की सूचना श्री रवि रंजन पाल जी द्वारा दी गई।
बैठक में यह भी बताया गया कि सुप्रसिद्ध मौलिक विचारक एवं संस्था के मार्गदर्शक आदरणीय बजरंग मुनि के जन्मदिवस अवसर पर 25 दिसंबर 2025 को ज्ञान तत्व दैनिक समाचार वेब पोर्टल की शुरुआत की गई थी। इस संबंध में ब्यूरो चीफ अशोक पुरी द्वारा सभी सदस्यों के समक्ष प्रगति आख्या प्रस्तुत की गई।
इसी अवसर पर ज्ञान तत्व पाक्षिक पत्रिका के विशेषांक का विमोचन भी किया गया। रंगीन एवं उच्च गुणवत्ता वाले कागज पर प्रकाशित इस विशेषांक की सभी सदस्यों ने सराहना की तथा इसे प्रतिवर्ष प्रकाशित किए जाने पर सहमति जताई।
ज्ञानोत्सव 2026 की तैयारी को लेकर आयोजित इस बैठक में सभी कार्यदायी समितियों का विस्तार किया गया और उनके दायित्वों का परिचय कराया गया। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि ज्ञान तत्व पाक्षिक पत्रिका का विशेषांक ही ज्ञानोत्सव 2026 का आधिकारिक आमंत्रण पत्र होगा।
बैठक के दौरान संस्था से लंबे समय तक जुड़े रहे गांधीवादी विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता संजय तांती के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। संजय तांती का 20 दिसंबर 2025 को हृदयघात से निधन हो गया था। वे ज्ञानयज्ञ परिवार एवं मां संस्थान द्वारा प्रतिदिन आयोजित ज़ूम चर्चा कार्यक्रम में स्थायी विषय-विश्लेषक के रूप में सक्रिय भूमिका निभाते थे।
कार्यालय प्रभारी ज्ञानेंद्र आर्य ने उनके व्यक्तित्व, सामाजिक योगदान और वैचारिक समन्वय की क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आनंद मार्ग की आध्यात्मिक परंपरा से जुड़े होने के बावजूद संजय तांती ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्शों को अपने जीवन में व्यवहारिक रूप से अपनाया। संस्था ने उनके योगदान को सदैव स्मरणीय बताया।
बैठक के अंत में संजय तांती जी को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिसके साथ मासिक बैठक संपन्न हुई।
