मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोरबा में ‘बैगा पुजारी सम्मेलन’ को किया संबोधित; जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास का दोहराया संकल्प
रायपुर/कोरबा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार को कोरबा जिले के प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने रामपुर स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम आईटीआई परिसर में आयोजित ‘गौरव पूजा महोत्सव एवं बैगा पुजारी सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और वनांचल क्षेत्रों के चहुंमुखी विकास को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
सांस्कृतिक विरासत का सम्मान
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज हमारी संस्कृति की जड़ है। बैगा पुजारी न केवल धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराते हैं, बल्कि वे हमारी पारंपरिक जड़ी-बूटी और ज्ञान के संरक्षक भी हैं। सरकार इन परंपराओं को सहेजने के लिए प्रतिबद्ध है।
विकास के मुख्य बिंदु:
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जनजातीय कल्याण के लिए निम्नलिखित प्राथमिकताओं पर जोर दिया:
मूलभूत सुविधाएं: जनजातीय बस्तियों में सड़क, बिजली, शुद्ध पेयजल और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना।
पीएम-जनमन योजना: विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक सुनिश्चित करना।
युवाओं को कौशल विकास: आईटीआई जैसे संस्थानों के माध्यम से जनजातीय युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना ताकि वे मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जुड़ सकें।
बैगा पुजारियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बैगा समाज के पुजारियों और प्रतिनिधियों से संवाद किया और उन्हें सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लक्ष्य के साथ सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है और इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग उपस्थित थे।

