छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले की कोतवाली पुलिस ने अंतर्राज्यीय नशीली दवाओं के तस्करों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। ट्रैक्टर के जरिए अवैध गांजे की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने बिहार के सासाराम में दबिश देकर मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस “एंड-टू-एंड” (End-to-End) रणनीति ने तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।
ट्रैक्टर से हो रही थी तस्करी, बिहार तक जुड़े तार
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने हाल ही में ट्रैक्टर के माध्यम से हो रही गांजा तस्करी को पकड़ा था। मामले की गहराई से जांच करने पर पता चला कि इस अवैध कारोबार के तार बिहार से जुड़े हुए हैं। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कोतवाली पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने बिहार के सासाराम में छापेमारी कर आरोपियों को हिरासत में लिया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी पेशेवर तरीके से तस्करी का गिरोह चला रहे थे:
रंजन श्रीवास्तव (30 वर्ष): निवासी तिलकापुर, सासाराम। इसे इस पूरे गिरोह का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है।
धीरज कुमार सिंह (36 वर्ष): निवासी तुर्की बाजार, सासाराम।
विनय पासवान (36 वर्ष): निवासी मोहदीगंज, सासाराम।
पुलिस की ‘एंड-टू-एंड’ रणनीति
आमतौर पर नशीले पदार्थों के मामलों में केवल माल ले जाने वाले (कैरियर्स) पकड़े जाते हैं, लेकिन बलरामपुर पुलिस ने इस बार ‘एंड-टू-एंड’ कार्रवाई को अंजाम दिया। इसका अर्थ है कि पुलिस ने न केवल सामान पकड़ा, बल्कि उस स्रोत (Source) तक भी पहुँची जहाँ से यह अवैध कारोबार संचालित हो रहा था।
जेल भेजे गए आरोपी
तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर बलरामपुर लाया गया, जहाँ से कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क में शामिल अन्य स्थानीय और बाहरी लोगों की पहचान की जा सके।
अधिकारियों का संदेश:“नशे के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। हम केवल अपराधियों को ही नहीं, बल्कि इस अवैध व्यापार की जड़ों को भी खत्म कर रहे हैं।”