BREAKING NEWS | चीन में सत्ता परिवर्तन की कथित कोशिश नाकाम, शी जिनपिंग की स्थिति और मजबूत
बीजिंग | 31 जनवरी 2026
चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग को हिरासत में लेकर सत्ता परिवर्तन की कथित कोशिश विफल हो गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जनवरी के मध्य में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा यह प्रयास किया गया था, लेकिन समय रहते खुफिया एजेंसियों की सतर्कता के कारण योजना नाकाम हो गई।
सूत्रों के मुताबिक, 18 जनवरी को बीजिंग में एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान कार्रवाई की योजना थी। सूचना लीक होने के बाद राष्ट्रपति शी को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और सुरक्षा व्यवस्था तत्काल कड़ी कर दी गई। इसके बाद जनरल झांग यौक्सिया और जनरल लियू झेनली सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हिरासत में लेकर जांच शुरू की गई।
24 जनवरी को चीनी रक्षा मंत्रालय ने दोनों अधिकारियों को “गंभीर अनुशासन उल्लंघन” के आरोप में पद से हटाने की पुष्टि की, हालांकि आधिकारिक बयान में तख्तापलट या सत्ता परिवर्तन की कोशिश का सीधा उल्लेख नहीं किया गया।
शक्ति के केंद्रीयकरण से जुड़ा घटनाक्रम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा सत्ता और निर्णय-प्रक्रिया के निरंतर केंद्रीयकरण की नीति का परिणाम हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में पार्टी, सरकार और सेना पर नियंत्रण मजबूत करने की उनकी रणनीति से सत्ता के भीतर असंतोष बढ़ा, जिसने इस कथित प्रयास को जन्म दिया।
हालांकि तख्तापलट की कोशिश के विफल होने के बाद शी जिनपिंग की स्थिति पहले से अधिक मजबूत मानी जा रही है। मौजूदा हालात में चीन की सेना और केंद्रीय सैन्य आयोग पर उनका नियंत्रण और सख्त हो गया है तथा प्रमुख पदों पर उनके विश्वासपात्र अधिकारियों की तैनाती की गई है।
अंतरराष्ट्रीय नजर
अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम को चीन की आंतरिक राजनीति में शक्ति संतुलन के बड़े संकेत के रूप में देख रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका असर चीन की आंतरिक स्थिरता के साथ-साथ ताइवान और क्षेत्रीय सुरक्षा नीति पर भी पड़ सकता है।

