राष्ट्रीय पटल पर छत्तीसगढ़ का गौरव: दिल्ली में कोसमबुड़ा एकलव्य विद्यालय ने जीता प्रथम पुरस्कार
नई दिल्ली/गरियाबंद | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले की टीम ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। जनपद पंचायत गरियाबंद के अंतर्गत आने वाले एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) कोसमबुड़ा की टीम ने देशभर के 800 से अधिक विद्यालयों को पछाड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर छत्तीसगढ़ का डंका बजाया है।
पंचायती राज मंत्रालय का बड़ा आयोजन
भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और ग्राम सभा की कार्यप्रणाली से रूबरू कराना था। इस कड़े मुकाबले में देश के कोने-कोने से आए 800 से अधिक स्कूलों ने हिस्सा लिया था, जिसमें कोसमबुड़ा की टीम ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन और विषय की गहरी समझ से निर्णायक मंडल का दिल जीत लिया।
मुख्यमंत्री और दिग्गजों ने दी बधाई
छत्तीसगढ़ की इस बड़ी उपलब्धि पर राज्य में हर्ष का माहौल है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों की प्रतिभा का प्रमाण है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इसे पंचायती राज व्यवस्था के प्रति युवाओं की जागरूकता की जीत बताया।
कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने विद्यालय के शिक्षकों और छात्रों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि गरियाबंद के बच्चों ने साबित कर दिया है कि अवसर मिलने पर वे किसी से कम नहीं हैं।
क्यों खास है यह जीत?
एकलव्य आवासीय विद्यालय कोसमबुड़ा के छात्रों ने जिस तरह से ग्राम सभा के मॉडल को प्रस्तुत किया, वह जमीनी स्तर की समस्याओं और उनके समाधान की दिशा में एक सशक्त दृष्टिकोण पेश करता है। यह पुरस्कार न केवल विद्यालय बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के शिक्षा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता को दर्शाता है।
सोशल मीडिया के लिए हेडलाइंस:
🏆 नया कीर्तिमान: दिल्ली में गरियाबंद के बच्चों ने लहराया छत्तीसगढ़िया परचम!
🥇 राष्ट्रीय विजेता: 800 स्कूलों के बीच प्रथम रहा कोसमबुड़ा एकलव्य विद्यालय।
🇮🇳 शान-ए-छत्तीसगढ़: पंचायती राज मंत्रालय की प्रतियोगिता में कोसमबुड़ा को मिला गोल्ड।

