कुसमी में डिजिटल क्रांति की अनूठी मिसाल, 150 छात्र-छात्राओं को मिले निःशुल्क कंप्यूटर सेट
जिले में पहली बार किसी संस्थान ने उठाया ऐसा बड़ा कदम; भविष्य कंप्यूटर एजुकेशन के वार्षिक उत्सव में उमड़ा जनसैलाब
बलरामपुर-कुसमी विकासखंड कुसमी में शिक्षा और तकनीक के समन्वय की एक ऐतिहासिक तस्वीर देखने को मिली है। यहाँ स्थित ‘भविष्य कंप्यूटर एजुकेशन’ संस्थान ने अपने स्थापना के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित वार्षिक उत्सव के दौरान एक सराहनीय पहल की। संस्थान द्वारा क्षेत्र के कुल 150 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क कंप्यूटर सेट वितरित किए गए, जिसे बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में शैक्षणिक विकास की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा और पहला कदम माना जा रहा है।

रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद संस्थान के छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। संस्थान की सहयोगी नगमा परवीन ने भी अपनी सुरीली आवाज में गीतों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में समां बांध दिया।
डिजिटल ज्ञान के बिना शिक्षा अधूरी: अतिथि

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जनपद पंचायत कुसमी उपाध्यक्ष अशोक सोनी ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के दौर में कंप्यूटर का ज्ञान केवल एक कौशल नहीं, बल्कि जीवन की अनिवार्य आवश्यकता बन गया है। विशिष्ट अतिथि व पूर्व जनपद उपाध्यक्ष जन्मजय सिंह ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा, “एक समय था जब हम टाइपिंग मशीन पर निर्भर थे, लेकिन अब शिक्षा का विस्तार तेजी से हो रहा है। आज छोटे से छोटे रोजगार के लिए भी कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य है।”
ये रहे उपस्थित
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में पार्षद सीजे प्रजापति एवं इंद्रदेव निकुंज भी शामिल हुए। संस्थान के संस्थापक अरबाज अंसारी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस सफल आयोजन के लिए स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने संस्थान की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।
