Chhattisgarh

अंबिकापुर लूटकांड: पूर्व कर्मचारी ने रची साजिश, पुलिस ने 3 घंटे में खुलासा किया

अंबिकापुर, 30 दिसंबर 2025: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर शहर में रविवार रात (28 दिसंबर) सनसनीखेज लूट की वारदात ने व्यापारियों में दहशत फैला दी। कोतवाली थाना क्षेत्र के सत्तीपारा कैलाश मोड़ पर मोबाइल व्यवसायी अनिल अग्रवाल पर दीवार के पीछे छिपे हमलावरों ने बांस के डंडे से सिर पर जोरदार प्रहार कर करीब 20 लाख रुपये लूट लिए। सरगुजा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर घटना के महज 3 घंटों में मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया तथा पूरी लूटी गई राशि, प्रयुक्त बाइक और हथियार बरामद कर लिए।

 

अनिल अग्रवाल राम मंदिर रोड स्थित अग्रवाल इंटरप्राइजेज के संचालक हैं तथा हिंदुस्तान लीवर की फ्रेंचाइजी धारक भी। रात साढ़े 9 बजे के आसपास वे सब-डीलरों से एकत्रित 20 लाख रुपये नकद लेकर स्कूटी से घर लौट रहे थे। सत्तीपारा कैलाश मोड़ पहुंचते ही दीवार के पीछे घात लगाए बैठे आरोपी ने अचानक डंडे से पीछे से हमला बोल दिया। गंभीर रूप से घायल अनिल स्कूटी समेत सड़क पर गिर पड़े तथा बेहोश हो गए। इसी दौरान लुटेरे ने नकदी से भरा बैग छीन लिया तथा गली के रास्ते फरार हो गया। आसपास के लोगों ने लहूलुहान हालत में अनिल को तत्काल निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई, जिसमें आरोपी बैग लिये भागता दिखा।

 

शिकायत सज्जन कॉलोनी निवासी अनिल के भांजे अंकित गोयल ने कोतवाली थाने में दर्ज कराई। एसपी राजेश अग्रवाल ने सीएसपी राहुल बंसल को टीम गठित कर निर्देश दिए। एएसपी अमोलक सिंह ढिल्लो के नेतृत्व में कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत सिन्हा, साइबर सेल व यातायात पुलिस ने शहर के सभी निकासों पर नाकाबंदी की। सीसीटीवी फुटेज, साइबर विश्लेषण तथा मुखबिरों की सूचना पर संदिग्धों का पीछा किया। रात करीब 12 बजे बिलासपुर चौक से सटे जगदीशपुर के खेत में पहुंची पुलिस ने आरोपियों को नकदी बांटते घेर लिया। घबरा कर वे 18 लाख रुपये भरा बैग व पल्सर एनएस बाइक छोड़कर भागे, लेकिन केवल 2 लाख अपने पास ले उड़े। सोमवार को शेष राशि सहित दोनों को धर दबोचा गया।

 

गिरफ्तार आरोपी दीपक दास (24 वर्ष) पिता जयमंगल दास निवासी खालपारा अमगसी लखनपुर व रोहित दास पिता भकुस दास निवासी भातुपारा थाना मणिपुर हैं। दोनों सजनपुर क्षेत्र में रहते थे। दीपक अनिल की दुकान का पूर्व कर्मचारी था, जिसे निकाले जाने से नाराज होकर उसने रेकी कर योजना रची तथा रोहित को साथ लिया। पूछताछ में जुर्म कबूल किया। पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड का कोई उल्लेख नहीं। दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

 

पुलिस की तत्परता से शहर में राहत की लहर है, लेकिन व्यापारियों में सुरक्षा की मांग तेज हो गई। आगे

जांच जारी।

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