लोक स्वराज यात्रा: सामाजिक सशक्तिकरण का संदेश लेकर निवाड़ी और झांसी पहुंची ज्ञान यज्ञ परिवार की टोली
सागर। समाज में वैचारिक क्रांति और परिवार सशक्तिकरण के उद्देश्य से निकाली जा रही ज्ञान यज्ञ परिवार की ‘लोक स्वराज यात्रा’ अपने अगले पड़ाव पर निवाड़ी और झांसी जिले के विभिन्न ग्रामों में पहुंची। छतरपुर से शुरू होकर यह यात्रा अब सागर में विश्राम ले रही है। इस दौरान यात्रा का मुख्य केंद्र बिंदु ग्राम संवाद और ‘ज्ञान तत्व’ पत्रिका के माध्यम से जन-जागरण रहा।

93 वर्षीय गांधीवादी कार्यकर्ता दुर्गा प्रसाद आर्य की अध्यक्षता में बैठक
यात्रा का पहला महत्वपूर्ण पड़ाव निवाड़ी जिले का तारीचर कला गांव रहा। यहाँ गांधी आश्रम से जुड़े संस्थान के वरिष्ठ एवं 93 वर्षीय साथी श्री दुर्गा प्रसाद आर्य की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में लगभग 20 प्रमुख नगरवासी उपस्थित रहे।
चर्चा के दौरान मुख्य रूप से ज्ञान केंद्र की सार्थकता, सामाजिक सशक्तिकरण और परिवार सशक्तिकरण जैसे गंभीर विषयों पर विमर्श हुआ। ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक अपने विचार रखे और यात्रा के उद्देश्यों की सराहना की। इस अवसर पर संस्थान के पुराने साथी धर्मपाल सिंह आर्य भी मौजूद रहे।
राष्ट्रकवि की जन्मस्थली चिरगांव में वैचारिक गोष्ठी

तारीचर कला से प्रस्थान कर यात्रा राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जन्मस्थली चिरगांव (झांसी) पहुंची। यहाँ संस्थान के पुराने सहयोगी श्री ओमप्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में एक गोष्ठी संपन्न हुई। बैठक में कैलाश मिश्रा, अनिल द्विवेदी और देवदास साहू सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
‘ज्ञान तत्व’ पत्रिका से जुड़े नए सदस्य
यात्रा का एक सकारात्मक परिणाम यह रहा कि सामाजिक चेतना की संवाहक पाक्षिक पत्रिका ‘ज्ञान तत्व’ के प्रति लोगों में भारी उत्साह देखा गया। तारीचर कला और चिरगांव में कई नए पाठकों ने पत्रिका की सदस्यता ग्रहण की।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
तारीचर कला की बैठक में प्रमुख रूप से राजकुमार, अरविंद सिंह पटेल, दशरथ पटेल, मनोहर लाल पटवा, नाथूराम जी, कुंदन सिंह पटेल, बबलू लाल, दीपक आर्य, श्री हरिदास कुशवाहा, प्रहलाद कुमार आर्य, महेंद्र कुमार आर्य, सियाराम साहू, रामशरण पटेल, गोकुल प्रसाद पटेल और प्रीतम सिंह उपस्थित रहे।
ललितपुर के रास्ते होते हुए यह यात्रा अब सागर पहुंच चुकी है, जहाँ आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
