बलरामपुर: चरित्र संदेह में अंधा हुआ बेटा, लकड़ी के गेड़े से वार कर पिता को उतारा मौत के घाट
शंकरगढ़ (बलरामपुर-रामानुजगंज) | छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के कोठली गांव में एक कलयुगी बेटे ने मामूली विवाद और संदेह के चलते अपने ही पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हत्यारे बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।

विवाद की जड़: पत्नी पर शक और घरेलू कलह
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपित बीरकुंवर चेरवा (30 वर्ष) अपनी पत्नी के चरित्र पर अक्सर संदेह करता था। बीती 21 फरवरी की शाम इसी बात को लेकर घर में भारी विवाद हुआ। आरोपित ने अपनी पत्नी गोपी के साथ मारपीट की, जिसके बाद वह डर के मारे अपने बच्चे को लेकर बस्ती की ओर भाग गई।
जब बीरकुंवर रात करीब 7:45 बजे घर लौटा और पत्नी को घर में नहीं पाया, तो वह आगबबूला हो गया। उसने अपने पिता हवल चेरवा से पत्नी के बारे में पूछताछ की और बहस के दौरान गुस्से में आकर पास रखे लकड़ी के गेड़े (मोटे डंडे) से पिता के सिर और कान पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
खुद दी भाई को जानकारी, अस्पताल पहुँचते ही मौत
हैरानी की बात यह है कि पिता को लहूलुहान करने के बाद आरोपित खुद अपने चचेरे भाई सकुल राम के घर पहुँचा और हत्या की बात कबूल की। परिजन आनन-फानन में घायल हवल चेरवा को शंकरगढ़ अस्पताल लेकर भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी शिकंजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए शंकरगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है:
- FIR दर्ज: प्रार्थी सकुल राम की रिपोर्ट पर बीएनएस (BNS) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया गया।
- गिरफ्तारी: पुलिस ने आरोपित बीरकुंवर को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
- न्यायिक हिरासत: सोमवार को आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल (न्यायिक रिमांड) भेज दिया गया है।
पुलिस का बयान: “आरोपित ने आवेश में आकर अपने पिता की हत्या की है। सभी साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं और मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।”
