रामानुजगंज जिला जेल में विचाराधीन बंदी की मौत, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
बलरामपुर-रामानुजगंज | छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ जिला जेल रामानुजगंज में निरुद्ध एक विचाराधीन बंदी की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान 48 वर्षीय बिशन उर्फ बिशुन कोड़ाक के रूप में हुई है, जो पस्ता थाना क्षेत्र के सीतारामपुर पाठ का निवासी था।

अस्पताल में तोड़ा दम जेल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, बंदी बिशन कोड़ाक नवंबर 2023 से न्यायिक अभिरक्षा में था। शुक्रवार शाम को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, उसे लगातार दस्त और उल्टी की शिकायत हो रही थी। जेल प्रहरियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तत्काल रामानुजगंज के 100 बिस्तर अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति स्थिर होने पर चिकित्सकों की सलाह से उसे वापस जेल लाया गया।
हालांकि, शनिवार सुबह बंदी ने पुनः पेट में तेज दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उसे दोबारा अस्पताल ले जाया गया। दुर्भाग्यवश, उपचार के दौरान ही बंदी ने अंतिम सांस ली।
प्रशासनिक कार्यवाही और पारदर्शिता जेल अधीक्षक बाल्मीकि ध्रुव ने बताया कि घटना के बाद नियमानुसार सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
परिजनों को सूचना: मृतक के परिजनों और संबंधित पुलिस थाने को घटना की जानकारी दे दी गई है।
पंचनामा और पोस्टमार्टम: तहसीलदार की उपस्थिति में पंचनामा की कार्यवाही की जाएगी और डॉक्टरों की एक विशेष टीम द्वारा पोस्टमार्टम किया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद ही शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
“मृत्यु के सटीक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। वर्तमान में सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया जा रहा है।” – बाल्मीकि ध्रुव, जेल अधीक्षक
मजिस्ट्रियल जांच से खुलेगा मौत का राज जेल में बंदी की मौत एक संवेदनशील मामला है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। इस जांच के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि क्या उपचार में कोई लापरवाही हुई या मौत का कोई अन्य कारण था। फिलहाल, जेल और पुलिस प्रशासन पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
