दुर्ग: बच्चों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, भारी पथराव में CSP सहित कई पुलिसकर्मी घायल
दुर्ग। जिले के छावनी थाना अंतर्गत कैंप क्षेत्र (शारदापारा और सोनकर मोहल्ला) में सोमवार शाम दो पक्षों के बीच जमकर खूनी संघर्ष हुआ। बच्चों के मामूली झगड़े से शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते सांप्रदायिक तनाव में बदल गया, जिसके बाद दोनों ओर से भारी पथराव शुरू हो गया। इस हिंसा को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम पर भी उग्र भीड़ ने हमला कर दिया, जिसमें CSP प्रशांत सिंह पैकरा सहित कई जवान घायल हो गए हैं।

विवाद की जड़: बच्चों का झगड़ा या पुरानी रंजिश?
घटना की शुरुआत शारदापारा इलाके में बच्चों के बीच हुए एक छोटे से विवाद से हुई थी। हालांकि, स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इलाके में पिछले दो दिनों से तनाव का माहौल था।
- पुरानी घटना: आरोप है कि दो दिन पहले एक युवक दूसरे समुदाय की युवती को अपने साथ ले गया था। पुलिस ने युवती को बरामद कर आरोपी युवक के खिलाफ धारा 376 (दुष्कर्म) के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था।
- हिंसा में तब्दील: इसी रंजिश के बीच सोमवार को बच्चों का झगड़ा चिंगारी बन गया और दोनों पक्षों के बड़े भी इसमें कूद पड़े।
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ इलाका
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। मौके पर 2 ASP, 12 थाना प्रभारी और 300 से अधिक पुलिस जवानों को तैनात किया गया है।
“सोनकर मोहल्ले में बच्चों की लड़ाई में बड़े भी शामिल हो गए, जिससे विवाद बढ़ गया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी बल तैनात किया गया है और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।” — मणिशंकर चंद्रा, SSP दुर्ग
करणी सेना और अन्य संगठनों का विरोध
घटना के बाद देर रात विभिन्न संगठनों ने छावनी थाने का घेराव कर नारेबाजी की। करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने इसे एक “सुनियोजित साजिश” करार देते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वर्तमान स्थिति: फिलहाल पूरे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के जरिए पत्थरबाजी करने वाले आरोपियों की शिनाख्त कर रही है। घायलों का उपचार जारी है और अधिकारियों ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
