भोपाल में मानवता शर्मसार: ब्यूटीशियन के साथ सामूहिक दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन का दबाव, 4 पर FIR
भोपाल | समाचार सेवा राजधानी भोपाल के बागसेवनिया इलाके से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ के मुंगेली की रहने वाली एक 30 वर्षीय ब्यूटीशियन ने तीन युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म और एक महिला पर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

दोस्ती की आड़ में बुना गया जाल
पीड़िता के अनुसार, इस खौफनाक दास्तान की शुरुआत 31 दिसंबर 2024 को हुई थी। शाहपुरा के एक होटल में जन्मदिन की पार्टी के दौरान उसकी मुलाकात एक युवती से हुई। जल्द ही दोनों में दोस्ती हो गई और जनवरी 2025 में पीड़िता अपनी दोस्त के साथ अमरीन उर्फ माहिरा नामक महिला के घर रहने चली गई। पीड़िता का आरोप है कि अमरीन ने पहले उसकी सहेली का धर्म परिवर्तन कराकर अपने भाई से निकाह कराया और फिर उस पर भी दबाव बनाना शुरू कर दिया।
प्रताड़ना का सिलसिला: दिसंबर 2024 से जनवरी 2026 तक
पीड़िता ने अपनी शिकायत में आपबीती सुनाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं:
अगस्त 2025: आरोपी चंदन यादव ने पीड़िता को सुनसान जगह ले जाकर दुष्कर्म किया और विरोध करने पर बदनाम करने की धमकी दी।
नवंबर 2025: अमरीन के भाई बिलाल ने चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर पीड़िता के साथ बलात्कार किया।
दिसंबर 2025: काम के बहाने पीड़िता को अहमदाबाद ले जाया गया, जहाँ यासिर नामक युवक ने उसके साथ दरिंदगी की।
मानसिक दबाव: अमरीन पर आरोप है कि वह पीड़िता को छोटे कपड़े पहनने, पबों में अनजान पुरुषों से मिलने और इस्लाम अपनाने के लिए लगातार प्रताड़ित करती थी।
सोशल मीडिया से मिली हिम्मत
जनवरी 2026 में किसी तरह आरोपियों के चंगुल से भागकर पीड़िता छत्तीसगढ़ अपने मामा के पास पहुँची। लंबे समय तक खौफ में रहने के बाद, सोशल मीडिया के जरिए उसे एक और युवती मिली जिसने अमरीन और उसके गिरोह पर ठीक वैसे ही आरोप लगाए थे। दूसरी पीड़िता से मिले साहस के बाद, ब्यूटीशियन ने भोपाल लौटकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
बागसेवनिया थाना पुलिस ने मामले में चंदन यादव, बिलाल, यासिर और अमरीन के खिलाफ:
सामूहिक दुष्कर्म (Gang Rape)
नशीला पदार्थ खिलाने
मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (धर्मांतरण विरोधी कानून)
के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी वर्तमान में फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग शहरों में छापेमारी की जा रही है।
“यह मामला संगठित अपराध और जबरन धर्मांतरण का एक गंभीर उदाहरण है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और पीड़िता को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी।” — पुलिस प्रशासन, भोपाल
