बलरामपुर: अवैध खनन की जांच करने गए SDM पर हत्या का आरोप, ग्रामीण की मौत के बाद कुसमी एसडीएम समेत 4 गिरफ्तार
बलरामपुर (रामानुजगंज) | छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में ‘प्रशासनिक दबंगई’ का एक खौफनाक मामला सामने आया है। कुसमी के एसडीएम (SDM) करुण डहरिया और उनके तीन साथियों पर अवैध बॉक्साइट उत्खनन के शक में ग्रामीणों की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा है। इस हमले में घायल एक 62 वर्षीय बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने एसडीएम सहित चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, घटना 15 फरवरी 2026 की देर शाम की है। एसडीएम कुसमी करुण डहरिया अपने तीन निजी साथियों—विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मनजीत कुमार यादव और सुदीप यादव—के साथ ग्राम हंसपुर के जंगल पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वे वहां अवैध बॉक्साइट उत्खनन पर कार्रवाई करने गए थे।
वहां मौजूद तीन ग्रामीणों पर अवैध खनन का आरोप लगाते हुए एसडीएम और उनके साथियों ने उनके साथ कथित तौर पर लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। घायलों में हंसपुर निवासी राम उर्फ रामनरेश (62 वर्ष) की हालत काफी गंभीर हो गई।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
परिजनों और पुलिस के अनुसार, घायल रामनरेश को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। आर्थिक तंगी या अन्य कारणों से परिजन उन्हें आगे नहीं ले जा सके और 16 फरवरी की रात 12:14 बजे उनकी मृत्यु हो गई।

पुलिस की कार्रवाई: हत्या का मामला दर्ज
घटना के बाद इलाके में भारी तनाव व्याप्त हो गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना कोरंधा में मर्ग कायम किया। प्राथमिक जांच और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने पाया कि मारपीट प्रशासनिक प्रक्रिया के बजाय हिंसक हमले जैसी थी।
दर्ज मामला: अपराध क्रमांक 03/2026
धाराएं: 103(1) (हत्या), 115(2), 3(5) बीएनएस (BNS)
गिरफ्तार आरोपी: एसडीएम करुण डहरिया, विक्की सिंह, मनजीत कुमार यादव और सुदीप यादव।
पुलिस का बयान: “साक्ष्यों के आधार पर चारों आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर विधिवत गिरफ्तार किया गया है और उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।”
इलाके में तनाव और प्रशासनिक विफलता पर सवाल
हंसपुर और आसपास के क्षेत्रों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। चर्चा है कि इलाके में लंबे समय से अवैध खनन को लेकर तनाव बना हुआ था। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने पहले कभी सख्ती नहीं दिखाई, और जब कार्रवाई हुई तो वह एक बेगुनाह की जान ले बैठी। अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में वर्षों से चल रहे ‘बॉक्साइट के खेल’ पर लगाम लग पाएगी?
