छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी से मिलेगी राहत: 17 मार्च से बारिश और अंधड़ का अलर्ट, गिरेगा पारा
रायपुर | छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से सूरज के तीखे तेवरों ने लोगों को बेहाल कर रखा था, लेकिन अब मौसम विभाग ने राहत की खबर दी है। प्रदेश में मार्च की शुरुआत में ही मई जैसी तपिश झेल रहे नागरिकों के लिए आने वाले पांच दिन सुकून भरे हो सकते हैं। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, अगले 120 घंटों के भीतर अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आने की संभावना है।

तापमान का गणित: राजनांदगांव सबसे गर्म, अंबिकापुर में ठंडक
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों ने मौसम वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है। जहां राजनांदगांव 40.5°C के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, वहीं उत्तर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 18.2°C दर्ज किया गया। वर्तमान में भले ही मौसम शुष्क है, लेकिन ठंडी हवाओं के प्रवेश के साथ ही इस भीषण गर्मी पर ब्रेक लगने वाला है।
16 और 17 मार्च के लिए ‘येलो अलर्ट’
मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है:
- धूलभरी आंधी: प्रदेश के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- वज्रपात की आशंका: गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।
- बूंदाबांदी: स्थानीय मौसमी तंत्र सक्रिय होने के कारण कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा के आसार हैं।
किसानों के लिए चिंता और सलाह
17 मार्च के बाद मौसम और भी उग्र हो सकता है। हवाओं की रफ्तार बढ़कर 50 किमी/घंटा तक पहुंचने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि:
“तेज हवाओं और बिजली कड़कने से फसलों को आंशिक नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और मौसम साफ होने तक कृषि कार्यों में सावधानी बरतें।”
निष्कर्ष: मार्च के इस दूसरे पखवाड़े में होने वाला यह बदलाव शुष्क मौसम के दौर को समाप्त करेगा। हालांकि तापमान में अचानक आने वाली यह गिरावट सेहत के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हो सकती है, इसलिए डॉक्टरों ने भी खान-पान में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
