चिरायु योजना ने लौटाई रंजना की मुस्कान: बस्तर की मासूम का हुआ सफल ऑपरेशन
बस्तर (बकावण्ड) | छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी ‘चिरायु योजना’ मासूम बच्चों के जीवन में नई उम्मीदें जगा रही है। ताजा मामला बस्तर जिले के बकावण्ड ब्लॉक अंतर्गत ग्राम जामगुड़ा (धनपुर) का है, जहाँ जन्मजात कलेफ्ट लिप (कटे होंठ) से पीड़ित नन्ही रंजना को योजना के तहत नया जीवन और नई मुस्कान मिली है।
आंगनबाड़ी से शुरू हुआ इलाज का सफर

रंजना के पिता महेश भारती ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराना उनके लिए असंभव था। राहत तब मिली जब 19 जून 2025 को आंगनबाड़ी केंद्र में स्क्रीनिंग के दौरान चिरायु दल की नजर रंजना पर पड़ी। टीम ने तत्काल उसे जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र रेफर किया।
रायपुर में हुआ सफल ऑपरेशन
जिला स्वास्थ्य समिति के समन्वय से रंजना को 6 नवंबर 2025 को रायपुर स्थित मेडिसाईन अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहाँ विशेषज्ञों की टीम ने उसका सफल ऑपरेशन किया। इलाज, दवाइयों और अस्पताल में रहने का संपूर्ण खर्च शासन द्वारा वहन किया गया।
फॉलो-अप में मिली पूर्णतः स्वस्थ
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 13 फरवरी 2026 को रंजना के घर पहुँचकर फॉलो-अप लिया, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाई गई। रंजना के माता-पिता ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे अपनी बेटी के भविष्य को लेकर चिंतामुक्त हैं।
क्या है चिरायु योजना? > इस योजना के तहत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों में होने वाली 44 गंभीर बीमारियों (जैसे हृदय रोग, मोतियाबिंद, कटे होंठ, टेढ़े-मेढ़े पैर आदि) का निःशुल्क इलाज किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग का चिरायु दल सक्रिय रूप से बच्चों की स्क्रीनिंग कर उन्हें बड़े अस्पतालों तक पहुँचाने का कार्य करता है।
