मुख्यमंत्री के संवेदनशील निर्णय से किसान के चेहरे पर लौटी मुस्कान, तारीख बढ़ने पर बुधन एक्का ने समर्थन मूल्य पर बेचा धान
बलरामपुर | छत्तीसगढ़ शासन द्वारा धान खरीदी की समय सीमा में 5 एवं 6 फरवरी की वृद्धि करने का निर्णय जिले के छूटे हुए किसानों के लिए वरदान साबित हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस संवेदनशील पहल से किसानों को बड़ा आर्थिक संबल मिला है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण बलरामपुर जिले के ग्राम अधौरा में देखने को मिला, जहाँ एक निराश किसान को अपनी उपज का सही दाम मिल सका।
समय पर नहीं बेच पाए थे धान
ग्राम अधौरा के निवासी किसान बुधन एक्का अपनी पत्नी प्रतिमा एक्का के साथ गुरुवार को पहली बार बलरामपुर धान खरीदी केंद्र पहुंचे। बुधन के पास कुल 2 एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर उन्होंने इस वर्ष धान की अच्छी फसल उगाई थी। हालांकि, निर्धारित समय सीमा के भीतर वे अपना धान विक्रय नहीं कर सके थे। इस कारण वे काफी चिंतित थे, क्योंकि उनके सामने अपनी मेहनत की फसल को निजी व्यापारियों (बिचौलियों) को औने-पौने दाम पर बेचने की मजबूरी आ खड़ी हुई थी।
40 बोरी धान का हुआ विक्रय
इसी बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा शेष बचे किसानों के हित में धान खरीदी की तारीख बढ़ाने का निर्णय लिया गया। यह खबर बुधन एक्का जैसे सैकड़ों किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई। समय सीमा बढ़ने के बाद बुधन एक्का ने शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर अपनी 40 बोरी धान का विक्रय किया।
पत्नी ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
धान बिकने के बाद किसान परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बुधन एक्का की पत्नी प्रतिमा एक्का ने भावुक होते हुए कहा कि यदि शासन ने धान खरीदी की अवधि नहीं बढ़ाई होती, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता और परिवार को संकट का सामना करना पड़ता। उन्होंने इस जनहितकारी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।

