ऐतिहासिक कार्रवाई: दुर्ग में डॉक्टर दुष्यंत खोसला ‘जिला बदर’, 1 साल तक 6 जिलों में प्रवेश प्रतिबंधित
दुर्ग जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। भिलाई के नंदिनी नगर क्षेत्र में सक्रिय डॉक्टर दुष्यंत खोसला को आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता के कारण एक वर्ष के लिए जिला बदर कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह संभवतः पहला मामला है जब किसी चिकित्सक के विरुद्ध इस तरह की सख्त कार्रवाई की गई है।
क्यों हुई कार्रवाई? (5 आपराधिक मामले दर्ज)
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, डॉक्टर खोसला पर नंदिनी नगर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को डराने-धमकाने, मारपीट करने और दबाव बनाने के गंभीर आरोप हैं। उनके विरुद्ध कुल 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसके आधार पर उन्हें ‘गुंडा-बदमाश’ की सूची में शामिल किया गया था। पुलिस का आरोप है कि वे अपने क्लीनिक की आड़ में क्षेत्र में दहशत फैलाने का प्रयास कर रहे थे।
इन 6 जिलों की सीमाओं से निष्कासित
दुर्ग जिलाधीश ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम की धाराओं के तहत 8 जनवरी को आदेश पारित किया। आदेश के अनुसार, डॉक्टर खोसला को निम्नलिखित जिलों से 1 वर्ष के लिए निष्कासित किया गया है:
- दुर्ग
- रायपुर
- राजनांदगांव
- धमतरी
- बालोद
- कबीरधाम
यदि इस अवधि के दौरान वे इन जिलों की सीमा में प्रवेश करते हैं, तो उनके विरुद्ध और भी कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
समाज को सख्त संदेश
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि चिकित्सकों को समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त है, लेकिन यदि कोई अपने पेशे की गरिमा का दुरुपयोग कर कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बनता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। बार-बार समझाइश और चेतावनियों के बावजूद व्यवहार में सुधार न होने पर यह अंतिम फैसला लिया गया।
इलाके में शांति की उम्मीद
इस कार्रवाई के बाद नंदिनी नगर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस सख्त निर्णय से अपराधियों में भय पैदा होगा और आम जनमानस में कानून के प्रति विश्वास बढ़ेगा

