शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलने वाला मामला: स्कूल प्राचार्य पर नाबालिग से छेड़छाड़, फरार होने से सवालों का दौर
बलरामपुर। स्कूलों को बच्चों की सुरक्षा का किला माना जाता है, लेकिन वाड्रफनगर ब्लॉक के बरती हायर सेकेंडरी स्कूल में प्राचार्य पर नाबालिग छात्रा से अश्लील हरकत का आरोप लगने से शिक्षा विभाग की निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल उठे हैं। प्राचार्य युवधन जायसवाल के फरार होने के बाद यह मामला सिस्टम की लापरवाही को उजागर कर रहा है।शिक्षा विभाग पर भारी पड़ सकता है यह प्रकरण। जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने बताया कि उन्हें सूचना मिलते ही तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी गई है। टीम स्कूल प्रबंधन की भूमिका, बैकग्राउंड चेक और दैनिक निगरानी की पड़ताल करेगी। यादव ने कहा, “जांच पूरी होने पर दोषी पाए जाने पर सख्त विभागीय कार्रवाई होगी, जिसमें प्राचार्य की बर्खास्तगी भी शामिल हो सकती है।”वाड्रफनगर पुलिस चौकी प्रभारी डाकेश्वर सिंह ने पुष्टि की कि पीड़ित छात्रा का बयान दर्ज हो चुका है। पॉक्सो एक्ट और छेड़छाड़ की धाराओं में मामला दर्ज कर प्राचार्य की तलाश तेज कर दी गई है। फरार होने से पुलिस को संदेह है कि स्कूल में पहले भी ऐसी अनियमितताएं हो सकती हैं। प्रभारी ने कहा, “सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है; जल्द गिरफ्तारी होगी।”अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा है। उनका कहना है कि स्कूलों में CCTV, बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और शिकायत तंत्र की कमी से बच्चे असुरक्षित हैं। एक अभिभावक ने पूछा, “प्राचार्य की नियुक्ति से पहले जांच क्यों नहीं हुई? विभाग सो रहा था क्या?”यह घटना राज्य स्तर पर शिक्षा नीतियों पर बहस छेड़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में POCSO जागरूकता प्रशिक्षण, त्वरित शिकायत पोर्टल और साप्ताहिक निरीक्षण अनिवार्य होने चाहिए। फिलहाल, पुलिस और विभागीय जांच से सच्चाई सामने आएगी, लेकिन सवाल बरकरार हैं—क्या विद्या के मंदिर अब भी सुरक्षित हैं?

