National NewsDevelopment

सफलता की कहानी: IBM की नौकरी छोड़ बंजर जमीन पर उगाया ‘सोना’, जैविक खेती से आज कमा रही हैं 3 करोड़ रुपये

चित्रदुर्ग/बेंगलुरु: अक्सर लोग अच्छी पढ़ाई करने के बाद खेती-किसानी से दूर भागते हैं और कॉर्पोरेट जगत की चकाचौंध को चुनते हैं। लेकिन कर्नाटक की रोजा रेड्डी ने धारा के विपरीत जाकर एक नई मिसाल पेश की है। आईबीएम (IBM) जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में इंजीनियर की नौकरी छोड़कर, उन्होंने न केवल बंजर जमीन को उपजाऊ बनाया, बल्कि आज करोड़ों का कारोबार भी कर रही हैं।

परिवार के विरोध के बावजूद नहीं मानी हार

रोजा रेड्डी के लिए यह सफर आसान नहीं था। जब उन्होंने कॉर्पोरेट करियर छोड़ने का फैसला किया, तो उन्हें परिवार के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। लेकिन अपने जज्बे पर कायम रहते हुए, उन्होंने वर्ष 2020 में अपने दोस्त दत्तात्रेय संजीव के साथ मिलकर ‘निसर्ग नेटिव फार्म्स’ की शुरुआत की।

तकनीक और डेटा से बदली तस्वीर

कर्नाटक का चित्रदुर्ग जिला सूखाग्रस्त क्षेत्रों में गिना जाता है। यहाँ की पुश्तैनी 50 एकड़ बंजर जमीन पर खेती करना एक बड़ी चुनौती थी। रोजा ने यहाँ अपने इंजीनियरिंग कौशल का इस्तेमाल किया। उन्होंने जल संरक्षण (Water Conservation), प्राकृतिक खाद और डेटा-आधारित फैसलों (Data-driven decisions) के जरिए बंजर जमीन की तस्वीर बदल दी।

3 करोड़ का टर्नओवर

आज उनके फार्म में 40 से अधिक प्रकार की सब्जियों और फलों का उत्पादन हो रहा है। निसर्ग नेटिव फार्म्स मुख्य रूप से ‘बिजनेस टू बिजनेस’ (B2B) मॉडल पर काम करता है, जिसके तहत बेंगलुरु और अन्य बड़े शहरों में ताजा उपज की सप्लाई की जाती है। उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि साल 2025 में उनके फार्म ने करीब 3 करोड़ रुपये का कारोबार किया है।

​रोजा रेड्डी की यह कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो खेती को घाटे का सौदा मानते हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि आधुनिक सोच और सही तकनीक के साथ खेती में भी अपार संभावनाएं हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *