नक्सलवाद पर सुरक्षाबलों का बड़ा प्रहार: सुकमा और धमतरी में 27 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, 69 लाख का था इनाम
धमतरी | 07 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन के मोर्चे पर सुरक्षा बलों को आज दोहरी और ऐतिहासिक सफलता मिली है। सुकमा जिले में चलाए जा रहे ‘पूना मार्गेम’ अभियान से प्रभावित होकर जहाँ 26 माओवादियों ने सामूहिक आत्मसमर्पण किया, वहीं धमतरी में 5 लाख की इनामी महिला कमांडर ने हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
सुकमा: ‘पूना मार्गेम’ का बढ़ा प्रभाव, 26 नक्सलियों ने डाले हथियार
सुकमा जिले में पुनर्वास की नई दिशा ‘पूना मार्गेम’ (पुनर्वास से पुनर्जीवन) अभियान को उस समय बड़ी कामयाबी मिली, जब 7 महिला कैडर सहित कुल 26 माओवादियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
भारी इनामी राशि: आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों पर कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
सक्रियता: ये माओवादी पीएलजीए (PLGA) बटालियन, दक्षिण बस्तर, माड़ डिवीजन और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर (AOB) जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सक्रिय थे।
बड़े पद: समर्पण करने वालों में CYPCM (1), DVCM (1), PPCM (3) और ACM (3) रैंक के खूंखार नक्सली शामिल हैं।
सुकमा एसपी किरण चह्वाण ने इस मौके पर कहा, “यह सामूहिक आत्मसमर्पण दर्शाता है कि नक्सली नेटवर्क अब खोखला हो चुका है। हम शेष माओवादियों से भी अपील करते हैं कि वे हिंसा छोड़ें और विकास की राह चुनें।”
धमतरी: इनामी महिला कमांडर भूमिका ने किया सरेंडर
नक्सल मोर्चे पर दूसरी बड़ी खबर धमतरी से आई, जहाँ 5 लाख रुपये की इनामी महिला कमांडर भूमिका उर्फ गीता ने एसपी कार्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
सक्रियता का इतिहास: भूमिका वर्ष 2005 से संगठन से जुड़ी थी और नगरी एरिया कमेटी की सदस्य व गोबरा एलओएस की कमांडर थी। वह महासमुंद और गरियाबंद सहित कई जिलों में मुठभेड़ों में शामिल रही है।
कारण: पुलिस के अनुसार, संगठन के भीतर महिलाओं के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार, विचारधारा से मोहभंग और परिवार से लंबे समय तक दूर रहने की पीड़ा के कारण उसने यह कदम उठाया।
पुनर्वास नीति से संवरेगा भविष्य
शासन की पुनर्वास नीति के तहत इन सभी पूर्व नक्सलियों को तत्काल सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही उन्हें सुरक्षित आवास, शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन जी सकें।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
कुल आत्मसमर्पण: 27 माओवादी
कुल इनाम: 69 लाख रुपये
अभियान: ‘पूना मार्गेम’ (सुकमा)
प्रभाव: माओवादी संगठन के रणनीतिक ढांचे और सूचना तंत्र को बड़ी क्षति।

