युवाओं के लिए नई करेंसी है ‘एनर्जी इंटेलिजेंस’, स्टेटस के पीछे भागने से पहले स्किल्स पर दें जोर
नई दिल्ली: आज के प्रतिस्पर्धी युग में युवाओं की सफलता का पैमाना केवल डिग्री या पैसा नहीं, बल्कि उनका ‘ऊर्जा प्रबंधन’ (Energy Management) है। विशेषज्ञों का मानना है कि जो युवा यह सीख लेगा कि उसे अपनी ऊर्जा कहाँ, किसके साथ और कितनी देर लगानी है, वही लंबी रेस का घोड़ा बनेगा।
ऊर्जा: आज के दौर की नई मुद्रा
हाल ही में युवाओं को संबोधित करते हुए एक नया विचार सामने आया है कि ‘ऊर्जा ही आज की असली करेंसी है’। वक्त आ गया है कि युवा ‘एनर्जी इंटेलिजेंस’ सीखें। इसका अर्थ है अपनी मानसिक और शारीरिक ऊर्जा को व्यर्थ की बहसों या नकारात्मकता में बर्बाद करने के बजाय, उसे सही दिशा में निवेश करना।
सफलता के तीन सुनहरे सूत्र
कार्यक्रम के दौरान जीवन और करियर में टिके रहने के लिए तीन मुख्य स्तंभों पर जोर दिया गया:
स्टेटस से पहले स्किल्स: आज की पीढ़ी अक्सर सोशल मीडिया और समाज में दिखावे (Status) के पीछे भागती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि दिखावे से पहले कौशल (Skills) विकसित करें। यदि आपके पास हुनर है, तो स्टेटस अपने आप आपके पीछे आएगा।
असफलता एक डेटा है: हार को व्यक्तिगत पराजय मानने के बजाय उसे ‘डेटा’ की तरह देखें। यह डेटा आपको बताता है कि आपकी रणनीति में कहाँ कमी रह गई और अगले प्रयास के लिए क्या सुधार जरूरी है।
टिके रहना ही जीत है: रिस्क लेना समझदारी है, लेकिन रिस्क लेकर मैदान में टिके रहना (Persistence) सबसे जरूरी है। जो अंत तक टिकता है, वही विजेता कहलाता है।
मानसिकता का महत्व
आज के दौर में ‘माइंडसेट’ यानी आपकी मानसिकता ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है। अपनी ऊर्जा का सही प्रबंधन और जोखिम लेने का साहस ही एक साधारण युवा को लीडर बनाता है।

