ग्लोबल टूरिज्म मैप पर चमकेगा जशपुर: मुख्यमंत्री ने किया 10 करोड़ की ‘मयाली-बगीचा’ परियोजना का भूमिपूजन
मयाली (जशपुर) | 8 फरवरी, 2026 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जशपुर को विश्व स्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने का सपना अब धरातल पर उतरने लगा है। मुख्यमंत्री ने ‘स्वदेश दर्शन योजना 2.0’ के अंतर्गत मयाली-बगीचा विकास परियोजना का विधिवत भूमिपूजन किया। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना से मयाली और बगीचा क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।
विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग को मिलेगी वैश्विक पहचान
इस परियोजना के केंद्र में विश्व प्रसिद्ध मधेश्वर पर्वत है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विकास कार्य से मधेश्वर महादेव के धार्मिक महत्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। इसके साथ ही बगीचा स्थित ऐतिहासिक कैलाश गुफा का भी कायाकल्प किया जाएगा।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
मयाली को एक समग्र इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए निम्नलिखित बुनियादी ढांचों का निर्माण होगा:
आधुनिक आवास और सुविधाएं: 5 लक्जरी पर्यटक कॉटेज, कॉन्फ्रेंस हॉल और भव्य प्रवेश द्वार।
स्किल डेवलपमेंट सेंटर: स्थानीय युवाओं को टूर गाइड, एडवेंचर स्पोर्ट्स और होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
धार्मिक गलियारा: शिव मंदिर क्षेत्र और कैलाश गुफा में पाथवे, रेलिंग, घाट विकास और पिकनिक स्पॉट्स का निर्माण।
स्थानीय रोजगार और ‘होम-स्टे’ पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यटन से होने वाली आय का सीधा लाभ स्थानीय ग्रामीणों को मिलना चाहिए। इसके लिए राज्य सरकार ने ‘होम-स्टे नीति’ लागू की है, जिससे ग्रामीण परिवार अपने घरों में पर्यटकों को ठहराकर आय अर्जित कर सकेंगे।
“मयाली अब केवल एक स्थानीय पिकनिक स्पॉट नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा। यहाँ के झरने, पहाड़ और समृद्ध जनजातीय संस्कृति अब दुनिया देखेगी।”
— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
निष्कर्ष: जशपुर की नई पहचान
यह परियोजना न केवल छत्तीसगढ़ की पर्यटन क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि जशपुर की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित करेगी। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से तैयार यह मॉडल भविष्य में ‘कम्युनिटी बेस्ड टूरिज्म’ के लिए एक मिसाल बनेगा।

