खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: कर्नाटक का तैराकी में दबदबा, छत्तीसगढ़ ने जीते 6 पदक; आज से अंबिकापुर में कुश्ती का आगाज़
रायपुर/अंबिकापुर/जगदलपुर | छत्तीसगढ़ की मेजबानी में आयोजित देश के पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ के तीसरे दिन खेलों का रोमांच चरम पर रहा। राजधानी रायपुर के अंतरराष्ट्रीय स्विमिंग पूल में कर्नाटक के तैराकों ने अपना वर्चस्व कायम रखा, वहीं मेजबान छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों की संख्या में इजाफा किया। आज से सरगुजा के अंबिकापुर में कुश्ती स्पर्धाओं की शुरुआत होने जा रही है।
पदक तालिका: कर्नाटक शीर्ष पर, मणिकांता बने ‘गोल्ड मशीन’

प्रतियोगिता के तीसरे दिन कर्नाटक 10 से अधिक स्वर्ण पदक जीतने वाला पहला राज्य बन गया है। कर्नाटक के स्टार तैराक मणिकांता एल ने अब तक कुल 8 स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है।
- कर्नाटक: 13 स्वर्ण, 5 रजत, 1 कांस्य (कुल 19 पदक)
- ओडिशा: 6 स्वर्ण, 2 रजत, 9 कांस्य (कुल 17 पदक)
- छत्तीसगढ़: 3 रजत, 3 कांस्य (कुल 6 पदक) के साथ संयुक्त सातवें स्थान पर।
छत्तीसगढ़ की उपलब्धि: अनुष्का भगत ने जीता तीसरा रजत
मेजबान छत्तीसगढ़ के लिए तैराकी में खुशी की खबर आई। अनुष्का भगत ने 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में रजत पदक जीतकर अपनी पदकों की हैट्रिक (3 रजत) पूरी की। वहीं, निखिल जाल्को (50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक) और न्यासा पैकरा (100 मीटर बटरफ्लाई) ने कांस्य पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया।
वेटलिफ्टिंग और हॉकी में कड़ा मुकाबला
- वेटलिफ्टिंग: अरुणाचल प्रदेश की अनाई वांग्सू ने 58 किग्रा वर्ग में कुल 169 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। ओडिशा की मिना सांता को रजत और मीना सिंह को कांस्य मिला।
- हॉकी: रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल स्टेडियम में हुए मुकाबलों में झारखंड ने गुजरात को 16-0 और ओडिशा ने तमिलनाडु को 14-0 के बड़े अंतर से हराकर अपना दबदबा साबित किया।
अंबिकापुर में आज से कुश्ती का रोमांच
सरगुजा के गांधी स्टेडियम में आज (28 मार्च) से कुश्ती स्पर्धा का भव्य शुभारंभ हो रहा है। 31 मार्च तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में 30 राज्यों के 144 जनजातीय पहलवान हिस्सा लेंगे। मुकाबलों का आयोजन प्रतिदिन तीन चरणों में किया जाएगा।
जगदलपुर पहुंची केरल की टीम
बस्तर के जगदलपुर में 30 मार्च से शुरू होने वाली एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए केरल का 17 सदस्यीय दल पहुंच चुका है। रेलवे स्टेशन पर पारंपरिक गौर नृत्य और ढोल की थाप के साथ खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत किया गया।
प्रसारण और उद्देश्य
इस ऐतिहासिक आयोजन का सीधा प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स और प्रसार भारती पर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित इस महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य सुदूर वनांचलों की जनजातीय खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है।
