महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा नाबालिग निकली: फरमान पर POCSO केस, आयोग ने डीजीपी तलब किए
नई दिल्ली। महाकुंभ 2025 के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुई ‘रुद्राक्ष गर्ल’ मोनालिसा भोंसले (पारधी जनजाति) के विवाह मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में सामने आया है कि विवाह के समय मोनालिसा की उम्र मात्र 16 वर्ष 2 माह थी।

जांच में क्या सामने आया
NCST अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में गठित टीम ने केरल से लेकर मध्य प्रदेश के महेश्वर तक दस्तावेजों की विस्तृत जांच की। जांच में अस्पताल रिकॉर्ड के आधार पर मोनालिसा की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 पाई गई।
रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 में फरमान खान से हुई शादी कथित रूप से फर्जी उम्र प्रमाण-पत्र के आधार पर संपन्न कराई गई।
कानूनी कार्रवाई शुरू
मामले में महेश्वर थाने में फरमान खान के खिलाफ POCSO एक्ट, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 22 अप्रैल को केरल और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशकों (DGP) को दिल्ली तलब किया है और तीन दिन के भीतर प्रगति रिपोर्ट मांगी है।
इसके साथ ही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी खरगोन के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर आयु संबंधी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
मोनालिसा भोंसले महाकुंभ के दौरान सोशल मीडिया और यूट्यूब के माध्यम से तेजी से चर्चित हुई थीं। लोकप्रियता बढ़ने के बाद उन्हें विभिन्न मंचों और मनोरंजन जगत से प्रस्ताव मिलने लगे।
इसी दौरान एक कथित प्रेम संबंध के बाद केरल में विवाह हुआ, जिसका परिवार द्वारा विरोध किया गया। बाद में इस मामले की शिकायत अनुसूचित जनजाति आयोग में दर्ज कराई गई, जिसके बाद जांच शुरू हुई।
आयोग ने यह भी संकेत दिया है कि मामले में कुछ संगठनों की भूमिका की जांच कर रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
वर्तमान स्थिति
यह मामला अब नाबालिग सुरक्षा और सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा गंभीर विषय बन गया है। पुलिस द्वारा जांच जारी है और संबंधित अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
