महासमुंद पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: 5 दिनों में सवा करोड़ से अधिक की नकदी बरामद, ‘हवाला’ कनेक्शन की आशंका
महासमुंद | छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर महासमुंद पुलिस ने पिछले पांच दिनों में सघन चेकिंग अभियान चलाकर काले धन के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चार गाड़ियों से कुल 1 करोड़ 47 लाख 50 हजार रुपए की बेनामी नकदी जब्त की है। इतनी बड़ी रकम के साथ पकड़े गए लोग मौके पर कोई भी वैध दस्तावेज या संतोषजनक जवाब पेश नहीं कर सके।
ओडिशा से आ रही थी नकदी, रायपुर के सराफा बाजार से तार जुड़ने के संकेत

पुलिस विभाग के अनुसार, जब्त की गई अधिकांश राशि ओडिशा से छत्तीसगढ़ लाई जा रही थी। प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। कोमाखान में पकड़े गए 75 लाख रुपए के मामले में यह बात सामने आई है कि यह मोटी रकम रायपुर के सोना-चांदी व्यापारियों तक पहुंचाई जानी थी। पुलिस को संदेह है कि यह पूरा मामला बड़े पैमाने पर चल रहे ‘हवाला’ कारोबार से जुड़ा हो सकता है।
चार बड़ी कार्रवाइयों का ब्यौरा:
पुलिस ने इन मामलों में 2 लग्जरी कारों को भी राजसात किया है। कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है:
- 16 मार्च (कोमाखान): महाप्रज्ञ जैन (ओडिशा निवासी) के पास से 75 लाख रुपए बरामद।
- 19 मार्च (पटेवा): मोहित आनंद से 25 लाख रुपए की नकदी जब्त।
- 20 मार्च (बसना): रायपुर निवासी आशु बंसल की कार से 32.50 लाख रुपए मिले।
- 20 मार्च (बलौदा): केशव अग्रवाल से 15 लाख रुपए की राशि जब्त।
“इतनी बड़ी मात्रा में नकदी का परिवहन बिना किसी वैध दस्तावेज के किया जा रहा था। हमने BNS की धारा 106 के तहत मामला दर्ज कर नकदी और वाहन जब्त कर लिए हैं। आगे की विस्तृत जांच के लिए आयकर विभाग (Income Tax) को सूचित कर दिया गया है।” — प्रतिभा पाण्डेय, एडिशनल एसपी, महासमुंद
500-500 के नोटों के बंडल देख पुलिस भी हैरान
चेकिंग के दौरान पटेवा और बसना पुलिस को कारों की तलाशी में 500-500 रुपए के नोटों की गड्डियों के ढेर मिले। अकेले पटेवा क्षेत्र में पकड़े गए मामले में 50 से अधिक बंडल बरामद हुए हैं। फिलहाल पुलिस और आईटी विभाग की टीमें इन सभी कड़ियों को जोड़कर मुख्य सरगना तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
