दुर्ग: मक्के की आड़ में ‘अफीम’ का काला साम्राज्य, भाजपा नेता के खेत पर रेड; सियासत गरमाई
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़ किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह अवैध कारोबार एक भाजपा नेता के खेत में फल-फूल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आरोपी नेता को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है, वहीं इस मुद्दे पर अब प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है।

मक्के की फसल के बीच छिपा था ‘नशीला सच’
पकड़े जाने के डर से आरोपी ने अफीम उगाने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाया था। खेत में चारों तरफ मक्के की ऊँची फसल लगाई गई थी, जिसके बीचों-बीच अफीम के सैकड़ों पौधे लहलहा रहे थे। मुखबिर की सटीक सूचना पर जब प्रशासन ने दबिश दी, तो मंजर देख अधिकारी भी दंग रह गए। आनन-फानन में पूरी फसल को ट्रैक्टर चलाकर नष्ट किया गया और जब्ती की कार्रवाई की गई।
भूपेश बघेल का तीखा हमला: “रसूखदारों के संरक्षण में फल रहा नशा”
इस मामले को लपकते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। बघेल ने सीधा आरोप लगाया कि:
”आरोपी का उठना-बैठना जिले के कलेक्टर, सांसद और विधायकों के साथ है। इसी रसूख के कारण अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। क्या सत्ता का संरक्षण अपराधियों को बचा रहा है?”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को आगामी विधानसभा सत्र में पूरी ताकत के साथ उठाएगी और निष्पक्ष जांच की मांग करेगी।
NDPS एक्ट के तहत होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अफीम की अवैध खेती NDPS एक्ट के तहत एक गैर-जमानती और गंभीर अपराध है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं।
मुख्य बिंदु:
- लोकेशन: दुर्ग जिला, छत्तीसगढ़।
- आरोप: मक्के की आड़ में अवैध अफीम की खेती।
- कार्रवाई: आरोपी नेता सस्पेंड, फसल नष्ट, जांच जारी।
