बलरामपुर-रामानुजगंज: धान के अवैध कारोबार और धोखाधड़ी मामले में फरार आरोपी अमित गुप्ता गिरफ्तार, भारी मात्रा में चेकबुक व दस्तावेज बरामद
सनावल/बलरामपुर: छत्तीसगढ़ शासन को आर्थिक क्षति पहुँचाने और दूसरे राज्यों से धान लाकर खपाने वाले गिरोह के विरुद्ध बलरामपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना सनावल पुलिस ने अंतर्राज्यीय धान तस्करी और धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी अमित कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में विभिन्न बैंकों के चेकबुक, एटीएम और अन्य संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

क्या था पूरा मामला? यह मामला 26 दिसंबर 2025 का है, जब राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध धान परिवहन को रोकने के लिए घेराबंदी की थी। उस दौरान एक पिकअप वाहन (UP 64CT-4218) को पकड़ा गया था, जो उत्तर प्रदेश से कम दाम में धान लाकर छत्तीसगढ़ के केंद्रों में खपाने की तैयारी में था। जांच के दौरान मुख्य आरोपी श्याम सुंदर गुप्ता के घर से बड़ी संख्या में किसानों के ऋण पुस्तिका, बैंक खाते और चेकबुक बरामद हुए थे।
विवेचना में खुलासा हुआ कि यह गिरोह सीमावर्ती राज्यों से सस्ता धान खरीदकर छत्तीसगढ़ के मंडी में अलग-अलग किसानों के खातों के माध्यम से बेचता था। इस मामले में पूर्व में श्याम सुंदर गुप्ता, शिवम गुप्ता, मंडी ऑपरेटर राजेश कुमार सिंह और पटवारी संजय सोनी को गिरफ्तार किया जा चुका है।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी और बरामदगी: पुलिस जांच और मुख्य आरोपी के व्हाट्सएप चैट से अमित कुमार गुप्ता (35 वर्ष) की संलिप्तता सामने आई थी। अमित घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। 8 अप्रैल 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अमित गुप्ता मिनवाखाण्ड के रास्ते रामचंद्रपुर जिला सहकारी बैंक की ओर जा रहा है। सूचना पर तत्काल पुलिस टीम ने घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी ने मोटरसाइकिल मोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।

जब्त सामग्री: आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से संदिग्ध दस्तावेजों का जखीरा मिला है, जिसमें शामिल हैं:
- 15 नग चेकबुक (जिला सहकारी बैंक एवं HDFC बैंक)
- 15 नग खाली पर्ची और 8 नग विड्राल पर्ची
- 02 नग सीलबंद एटीएम कार्ड
- 03 नग सामान्य हिसाब-किताब की पर्ची
- एक नग मोबाइल और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल।
कानूनी कार्रवाई: थाना सनावल में आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 82/2025, धारा 3, 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं बीएनएस (BNS) की धारा 318 (4), 61 (2) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
