जनसंपर्क विभाग होगा ‘हाईटेक’: अब AI की मदद से तैयार होंगी खबरें, आयुक्त रवि मित्तल ने दिए निर्देश
रायपुर/जनसंपर्क विभाग सूचना और प्रौद्योगिकी के इस आधुनिक दौर में जनसंपर्क विभाग अब पूरी तरह से ‘डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन’ की राह पर है। जनसंपर्क आयुक्त श्री रवि मित्तल ने विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि AI के जरिए न केवल समय की बचत होगी, बल्कि सूचनाओं का प्रभाव भी कई गुना बढ़ जाएगा।
‘कम मेहनत में ज्यादा असर’ का मंत्र
विभाग के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में आयुक्त ने स्पष्ट किया कि पारंपरिक जनसंपर्क के तरीकों में बदलाव की जरूरत है। उन्होंने कहा, “हमें तकनीक का उपयोग स्मार्ट तरीके से करना होगा। AI टूल्स का उपयोग कर हम कम समय और कम संसाधनों में उच्च गुणवत्ता वाला कंटेंट तैयार कर सकते हैं, जो सीधे जनता से जुड़े।”
हर अधिकारी बनेगा ‘स्टोरीटेलर’
आयुक्त रवि मित्तल ने एक विशेष टास्क देते हुए कहा कि केवल सरकारी आदेशों और बैठकों की सूचना देना पर्याप्त नहीं है। अब हर जनसंपर्क अधिकारी को अपने जिले या विभाग से जुड़ी ‘एक्सक्लूसिव स्टोरी’ तैयार करनी होगी। इन कहानियों में सरकारी योजनाओं के जमीनी प्रभाव और हितग्राहियों के संघर्ष व सफलता को प्राथमिकता दी जाएगी।
हाईटेक जनसंपर्क की मुख्य विशेषताएं:
AI का उपयोग: प्रेस रिलीज के ड्राफ्टिंग, अनुवाद और डेटा विश्लेषण में एआई टूल्स की मदद ली जाएगी।
मल्टीमीडिया कंटेंट: खबरों के साथ-साथ आकर्षक इन्फोग्राफिक्स, शॉर्ट वीडियो और विजुअल्स पर ध्यान दिया जाएगा।
क्रिएटिव राइटिंग: सूचनाओं को बोरिंग आंकड़ों के बजाय दिलचस्प कहानियों के रूप में पेश किया जाएगा।
त्वरित सूचना प्रवाह: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट को और अधिक कस्टमाइज्ड किया जाएगा।
नवाचार से बढ़ेगी पारदर्शिता
श्री मित्तल ने विश्वास जताया कि इस हाईटेक बदलाव से शासन की योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक अधिक स्पष्टता और तेजी के साथ पहुंचेगी। इससे न केवल विभाग की छवि सुधरेगी, बल्कि जनता और सरकार के बीच संवाद भी और अधिक मजबूत होगा।

