रामानुजगंज की उपेक्षा: गणतंत्र दिवस पर सूना रहा ऐतिहासिक हाई स्कूल मैदान, क्षेत्रवासियों में गहरी निराशा
रामानुजगंज | गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जहाँ पूरा देश देशभक्ति के रंग में डूबा रहा, वहीं बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामानुजगंज नगरवासियों के हाथ इस बार भी केवल मायूसी लगी। वर्षों पुरानी परंपरा को पुनः जीवित करने की मांग के बावजूद, इस वर्ष भी रामानुजगंज के ऐतिहासिक हाई स्कूल मैदान में जिला स्तरीय गरिमा के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सका।
जनता की उम्मीदों पर फिरा पानी
गौरतलब है कि रामानुजगंज क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और स्थानीय निवासियों ने समाचार पोर्टलों और सोशल मीडिया के माध्यम से जिला प्रशासन से विनम्र आग्रह किया था कि रामानुजगंज हाई स्कूल मैदान पर वह भव्यता लौटाई जाए, जो कभी यहाँ की पहचान हुआ करती थी। प्रशासन से अपेक्षा थी कि 26 जनवरी 2026 को होने वाला आयोजन क्षेत्रवासियों के लिए नई सौगात लेकर आएगा, लेकिन ऐसा न होने से लोगों में भारी मलाल है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मैदान?
स्थानीय बुजुर्गों और युवाओं का कहना है कि:
यह मैदान दशकों से राष्ट्रीय पर्वों और गौरवशाली सांस्कृतिक कार्यक्रमों का साक्षी रहा है।
यहाँ कार्यक्रम होने से न केवल शहर की रौनक बढ़ती है, बल्कि आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी राष्ट्रीय उत्सव में शामिल होने का सीधा अवसर मिलता है।
किसी अज्ञात कारण से रुके इन आयोजनों को प्रशासन द्वारा पुनः बहाल न करना, क्षेत्र की जनता के साथ भावनात्मक अन्याय जैसा है।
प्रशासन से फिर लगाई गुहार
समारोह आयोजित न होने के बावजूद, रामानुजगंज के लोगों ने हार नहीं मानी है। क्षेत्रवासियों ने एक बार फिर जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए मांग की है कि:
“शासन-प्रशासन जनभावनाओं का सम्मान करे और यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में राष्ट्रीय पर्वों पर रामानुजगंज को उसकी पुरानी पहचान वापस मिले। जो गौरवशाली परंपरा टूट गई है, उसे पुनः प्रारंभ करना प्रशासन की नैतिक जिम्मेदारी है।”
क्षेत्र के निवासियों को अब भी आशा है कि प्रशासन उनकी इस जायज मांग पर गंभीरता से विचार करेगा और अगले राष्ट्रीय पर्व पर रामानुजगंज का आकाश तिरंगे की उसी भव्यता और जयघोष से गूँजेगा, जिसका इंतज़ार यहाँ की जनता वर्षों से कर रही है।


