रामानुजगंज: सिर्फ 2 दुकानों के भरोसे हजारों राशन कार्डधारी, अव्यवस्था देख भड़के नेता प्रतिपक्ष; जिला खाद्य अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
बलरामपुर-रामानुजगंज | नगर पालिका क्षेत्र रामानुजगंज में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। हजारों कार्डधारियों वाले इस नगर में वर्तमान में संचालित राशन दुकानों की संख्या ऊँट के मुँह में जीरा साबित हो रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर ज्ञान तत्व से विशेष चर्चा और जिला खाद्य अधिकारी को सौंपे गए आवेदन में नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष प्रतीक सिंह ने नई दुकानों के संचालन की पुरजोर मांग उठाई है।
भीड़ के बीच पिस रही जनता: 2 दुकानों पर हजारों का भार

प्रतीक सिंह ने बताया कि पूरे नगर क्षेत्र के लिए वर्तमान में मात्र दो राशन दुकानें आवंटित हैं। इन केंद्रों पर सुबह से ही हितग्राहियों का हुजूम उमड़ पड़ता है। हालात इतने विकट हैं कि बुजुर्गों और महिलाओं को घंटों कतार में खड़े रहने के बावजूद कई बार खाली हाथ लौटना पड़ता है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि इस प्रशासनिक लापरवाही के कारण कई हितग्राही एक से दो महीने तक के अपने राशन से वंचित रह जा रहे हैं।
सुझाव: वार्ड-वार हो वितरण केंद्रों का विस्तार

अव्यवस्था को सुधारने के लिए प्रतीक सिंह ने ठोस सुझाव देते हुए मांग की है कि:
- नगर के प्रत्येक 2 से 3 वार्डों के बीच एक नई राशन दुकान खोली जाए।
- वितरण केंद्रों का विकेंद्रीकरण किया जाए ताकि श्रमिकों और छोटे व्यापारियों का समय बर्बाद न हो।
- राशन वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन की चुप्पी और बढ़ता आक्रोश
स्थानीय नागरिकों ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा है कि राशन पाना उनका अधिकार है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में उन्हें अपमान और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अब क्षेत्र की नजरें जिला प्रशासन और खाद्य विभाग पर टिकी हैं कि वे इस समस्या का समाधान कब तक करते हैं।
