रामानुजगंज में ‘वोटर लिस्ट’ पर संग्राम: कांग्रेस का भाजपा पर फर्जीवाड़े का आरोप, निर्वाचन प्रक्रिया पर उठे सवाल
Balrampur: प्रारूप-7 के जरिए कथित रूप से फर्जी आवेदन जमा कराने का आरोप, सैकड़ों नाम कटवाने की कोशिश का दावा
बलरामपुर | विशेष संवाददाता छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में मतदाता सूची को लेकर सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस ने सत्ताधारी दल भाजपा के कार्यकर्ताओं पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि एक ‘सुनियोजित साजिश’ के तहत खास वर्ग और कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम काटने की कोशिश की जा रही है।

मामले के मुख्य बिंदु: आखिर विवाद क्या है? अंतिम सूची के बाद ‘खेल’: कांग्रेस का तर्क है कि जब भारत निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम सूची का प्रकाशन हो चुका है, तो अचानक भारी संख्या में प्रारूप-7 (नाम विलोपन आवेदन) कैसे जमा हो गए?
फर्जी हस्ताक्षर की आशंका: चंदननगर के स्थानीय निवासी गुलाब नबी अंसारी के खुलासे ने मामले को और संदेहास्पद बना दिया है। उनका दावा है कि जिन 5 लोगों के नाम से 100 वोट काटने की अर्जी दी गई, उन लोगों ने स्वयं किसी भी आवेदन पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया है।
प्रशासनिक दबाव का आरोप: जिला कांग्रेस महामंत्री अजय गुप्ता का सीधा आरोप है कि प्रशासन पर दबाव बनाकर बीएलओ (BLO) के माध्यम से इन फर्जी आवेदनों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

सियासी वार-पलटवार और मांग पक्ष रुख / मांग कांग्रेस कमेटी ब्लॉक अध्यक्ष मधु गुप्ता के नेतृत्व में एसडीएम को ज्ञापन। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पूरी प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच की मांग। प्रशासनिक रुख नायब तहसीलदार आइसी यादव ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विवाद का केंद्र ग्राम पंचायत चंदननगर के मतदान केंद्र 155 और 156, जहाँ से 100 नाम विलोपन का मामला सामने आया है। निष्कर्ष: साख दांव पर लोकतंत्र में मतदाता सूची की शुद्धता सबसे महत्वपूर्ण होती है। रामानुजगंज का यह मामला न केवल दो दलों के बीच का विवाद है, बल्कि यह निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है। अब सबकी निगाहें प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर हैं कि क्या वाकई बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की कोशिश हुई है?
