रामचंद्रपुर: छात्रावास की भूमि से अतिक्रमण हटाने गई टीम पर हमला करने वाले 15 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
रामचंद्रपुर। बालक छात्रावास की भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के दौरान राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाले 15 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के आदेश पर 9 दिसंबर 2025 को तहसीलदार अश्वनी चंद्रा, नायब तहसीलदार और पटवारियों की टीम पुलिस बल के साथ बालक छात्रावास रामचंद्रपुर की भूमि से अवैध कब्जा हटाने पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों और उनके समर्थकों ने प्रशासनिक टीम को घेर लिया।
आरोपियों ने अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की किया और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए करीब 2 घंटे तक टीम को बंधक बनाकर रखा। इस दौरान मुख्य मार्ग को भी जाम कर दिया गया था। घटना के संबंध में तहसीलदार की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध दर्ज किया था।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना के बाद से ही सभी आरोपी फरार चल रहे थे और विवेचना में सहयोग नहीं कर रहे थे। रामचंद्रपुर पुलिस द्वारा लगातार दी जा रही दबिश और मुखबिर की सूचना पर 9 फरवरी 2026 को कुल 15 आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम: सबर हुसैन, जमरूद्दीन अंसारी, मददा हुसैन, फिदा हुसैन, शमशेर अंसारी, मोनिश रजा, इम्ताज अली, मुजाहिद हुसैन, अरशद एजाज, गुलाम यजदानी, शेरू मंसूरी, मकसूद आलम, मोसब्बर अंसारी, आलम अंसारी और इंतखाब अंसारी।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 54/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला पंजीबद्ध किया है:
धारा 191 (1): दंगा/बलवा करना।

धारा 221: शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करना।
धारा 296 व 351 (3): गाली-गलौज और आपराधिक धमकी।
सभी आरोपियों का डॉक्टरी मुलाहजा कराने के बाद उन्हें माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
