सरगुजा: नशे के सौदागरों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, झारखंड का सबसे बड़ा सप्लायर साथियों समेत गिरफ्तार; करोड़ों का नेटवर्क ध्वस्त
बलरामपुर/रामानुजगंज: सरगुजा संभाग में नशीले इंजेक्शन के अवैध कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग को अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक सफलता हाथ लगी है। संभागीय आबकारी उड़न दस्ता की टीम ने एक विशेष अभियान के तहत झारखंड से संचालित हो रहे एक बड़े ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। टीम ने झारखंड के गढ़वा जिले के कुख्यात नशीले इंजेक्शन सप्लायर रंजीत विश्वकर्मा और उसके साथियों समेत कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
इस कार्रवाई को सरगुजा संभाग में नशे के कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी चोट माना जा रहा है। आरोपियों के पास से लाखों रुपए के नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए हैं।
ऐसे हुआ नेटवर्क का खुलासा
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई जिला आबकारी अधिकारी इंद्रबली मारकंडे के मार्गदर्शन में शुरू की गई।
पहली सफलता: 30 जनवरी 2026 को टीम ने गोदरमाना निवासी अनूप गुप्ता और बतौली निवासी विनय गुप्ता को हिरासत में लिया। इनके पास से 1200 नग नशीले इंजेक्शन (कीमत लगभग 6 लाख रुपए) बरामद हुए।
निशानदेही: पूछताछ में आरोपी अनूप गुप्ता ने कबूला कि वह यह माल झारखंड के रंजीत विश्वकर्मा से खरीदता है, जो इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड है।
साइबर सेल की मदद से जाल में फंसा किंगपिन
मुख्य सरगना तक पहुंचने के लिए सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने सरगुजा रेंज के आईजी/डीआईजी राजेश अग्रवाल से साइबर सेल की मदद मांगी। साइबर सेल ने तुरंत आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की।
दूसरी बड़ी कार्रवाई: 31 जनवरी की शाम रामानुजगंज के पलटन घाट क्षेत्र में संयुक्त दबिश दी गई। यहाँ से मुख्य सप्लायर रंजीत विश्वकर्मा (निवासी गढ़वा), उसके पार्टनर मंजूर अंसारी और प्रमोद कुमार को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 1500 नग नशीले इंजेक्शन (कीमत 7.50 लाख रुपए) जब्त किए गए।
आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(c) और 29 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें रामानुजगंज न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
50% तक कम हो जाएगा अवैध कारोबार!
अधिकारियों के अनुसार, रंजीत विश्वकर्मा गढ़वा जिले का सबसे बड़ा सप्लायर था। आरोपी अनूप गुप्ता ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि रंजीत की गिरफ्तारी से छत्तीसगढ़ में नशीले इंजेक्शन की सप्लाई में लगभग 50% तक की कमी आ जाएगी। यह क्षेत्र के युवाओं को नशे से बचाने की दिशा में एक बड़ी जीत है।
जनवरी: आबकारी विभाग का ‘एक्शन मोड’
नए साल की शुरुआत से ही आबकारी उड़न दस्ता टीम एक्शन मोड में है। जनवरी माह के आंकड़े इस प्रकार हैं:
कुल दर्ज प्रकरण: 06
गिरफ्तार आरोपी: 10
कुल जप्त नशीली सामग्री: 3575 नग
अनुमानित बाजार मूल्य: 18 लाख रुपए
सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में डीआईजी राजेश अग्रवाल, साइबर सेल सरगुजा और आबकारी उड़न दस्ता टीम का विशेष योगदान रहा।
साइबर सेल: अजीत मिश्रा, भोजराज पासवान, जितेश साहू, विकास सिन्हा और लीना तिर्की।
आबकारी टीम: अशोक सोनी, गणेश पांडे, रणविजय सिंह, ओम प्रकाश गुप्ता, चंद्रावती और नीरज चौहान।

