सरगुजा: धर्मांतरण के आरोप में रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर गिरफ्तार, लंबे समय से चल रही थी ‘चंगाई सभा’
अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अवैध धर्मांतरण के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गांधीनगर पुलिस ने प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो (66 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला अधिकारी पर आरोप है कि वह अपने निवास पर बिना अनुमति ‘चंगाई सभा’ का आयोजन कर लोगों का धर्मांतरण करा रही थीं।
हिंदू संगठनों के विरोध के बाद कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, नमनाकला स्थित रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के घर पर पिछले एक साल से प्रत्येक रविवार को प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी। 26 जनवरी को जब यहाँ भारी भीड़ जुटी, तो हिंदू संगठनों ने इसका कड़ा विरोध किया। संगठनों का आरोप है कि सभा की आड़ में हिंदू धर्म के लोगों को लक्षित कर उनका मत परिवर्तन कराने की कोशिश की जा रही थी।
पुलिस जांच में हुए अहम खुलासे
घटना की सूचना मिलते ही गांधीनगर पुलिस मौके पर पहुँची। जांच के दौरान निम्नलिखित तथ्य सामने आए:
- अवैध आयोजन: सभा के लिए प्रशासन से कोई लिखित अनुमति नहीं ली गई थी।
- रजिस्टर बरामद: पुलिस ने मौके से एक रजिस्टर जब्त किया है, जिसमें सभा में आने वाले लोगों के नाम और हस्ताक्षर दर्ज हैं।
- फरारी के बाद गिरफ्तारी: केस दर्ज होने के बाद ओमेगा टोप्पो पुलिस को चकमा देकर फरार हो गई थीं। हालांकि, घर वापस लौटने की गुप्त सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें हिरासत में ले लिया।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने हिंदू संगठन के सदस्य रोशन तिवारी की शिकायत पर कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 270, 299 और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम की धारा 5 (क) के तहत मामला दर्ज किया है।
गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने पुष्टि की है कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े अन्य कड़ियों की तलाश कर रही है।
