तातापानी महोत्सव: मुख्यमंत्री ने 200 जोड़ों को दिया आशीर्वाद, सामूहिक विवाह में दिखी सर्वधर्म सद्भाव की झलक
बलरामपुर-रामानुजगंज (छत्तीसगढ़): मकर संक्रांति के पावन अवसर पर तातापानी में आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान आज एक भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस गौरवशाली आयोजन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 200 जोड़ों ने एक-दूसरे का हाथ थामा। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, जिन्होंने दोपहर 3:10 बजे समारोह में पहुँचकर नवदम्पत्तियों को उनके सुखद दाम्पत्य जीवन का आशीर्वाद दिया।
सर्वधर्म सद्भाव की अनूठी मिसाल
इस सामूहिक विवाह की सबसे खास बात इसकी समावेशी प्रकृति रही। आयोजित विवाहों में जहाँ हिंदू रीति-रिवाजों से शादियाँ हुईं, वहीं 5 ईसाई जोड़ों ने भी अपने धर्म के अनुसार पवित्र बंधन में बंधकर सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
विस्तृत विवरण और सरकारी सहायता
शासन की ओर से ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत सभी जोड़ों को आर्थिक और उपहार सहायता प्रदान की गई:
- आर्थिक सहायता: सामान्य श्रेणी के प्रत्येक जोड़े को उपहार और श्रृंगार सामग्री के साथ ₹35,000 की राशि दी गई।
- दिव्यांगों के लिए विशेष उपहार: कार्यक्रम में शामिल 3 दिव्यांग जोड़ों को शासन की ओर से विशेष प्राथमिकता दी गई। उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सीधे उनके बैंक खातों में ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की सम्मान निधि हस्तांतरित की गई।
क्षेत्रवार भागीदारी
जिले के कोने-कोने से आए जोड़ों की संख्या ने इस आयोजन को एक जन-उत्सव का रूप दे दिया:
- शंकरगढ़, कुसमी, राजपुर, बलरामपुर, रामचंद्रपुर और वाड्रफनगर: इन प्रत्येक विकासखंडों से 30-30 जोड़ों ने हिस्सा लिया।
- रघुनाथपुर: यहाँ से 20 जोड़े इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
मुख्यमंत्री का संबोधन
नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह न केवल फिजूलखर्ची को रोकता है, बल्कि समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में पिरोता है। उन्होंने जोड़ों के उज्जवल भविष्य की कामना की और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।


