रामानुजगंज में गजराज का कोहराम, महुआ बीनने गई नाबालिग की मौत; हादसे के बाद भी लापरवाही बरत रहे ग्रामीण
रामानुजगंज: जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। शनिवार की सुबह महुआ संग्रहण के दौरान एक हाथी ने 17 वर्षीय नाबालिग को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद जहां इलाके में मातम पसरा है, वहीं ग्रामीणों द्वारा बरती जा रही लापरवाही ने वन विभाग की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, झारखंड के बरदरी की निवासी पिंकी कुमारी (17) अपने परिजनों के पास ग्राम चीनिया के जामुन पारा आई हुई थी। शनिवार सुबह करीब 6 बजे वह परिवार के साथ महुआ बीनने ढापन पानी जंगल क्षेत्र गई थी। सुबह लगभग 7:30 बजे हाथियों का एक दल वहां धमक पड़ा। अचानक सामने आए हाथी से बचने की कोशिश में पिंकी उसकी चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले में एक अन्य ग्रामीण सत्यनारायण कोरवा भी घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
खतरे के बीच लापरवाही: शव के पास ही महुआ बीनते रहे लोग
इस घटना का सबसे विचलित करने वाला पहलू यह रहा कि मौत की खबर और हाथियों की मौजूदगी के बावजूद ग्रामीणों में कोई खौफ नहीं दिखा। मौके पर पहुँचे प्रत्यक्षदर्शियों और वन विभाग की टीम ने देखा कि जहाँ मृतिका का शव पड़ा था, उससे कुछ ही दूरी पर अन्य ग्रामीण बेखौफ होकर महुआ बीनने में मशगूल थे।
वन विभाग की अपील और सहायता
घटना की सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी निखिल सक्सेना अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। विभाग ने तत्परता दिखाते हुए:
- मृतिका के परिजनों को 25,000 रुपये की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की।
- शेष 5.75 लाख रुपये का मुआवजा एक सप्ताह के भीतर देने की घोषणा की है।
सावधान रहें: वन विभाग ने चेतावनी दी है कि वर्तमान में रामानुजगंज रेंज में 22 हाथियों का दल सक्रिय है, जिसमें 5 शावक भी शामिल हैं। विभाग ने मुनादी कराकर ग्रामीणों से अपील की है कि वे सुबह और शाम के वक्त जंगल की ओर न जाएं और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
