वनधन विकास केंद्र से बदली पहाड़ी कोरबा महिलाओं की तकदीर: अब गांव में ही मिल रहा रोजगार
शंकरगढ़/जगिमा | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित ‘प्रधानमंत्री जनमन योजना’ और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों में सकारात्मक बदलाव की लहर दिख रही है। जिले के शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के जगिमा गांव में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरबा समुदाय की महिलाओं के लिए ‘वनधन विकास केंद्र’ आर्थिक स्वावलंबन का नया आधार बन गया है।
मजदूरी की मजबूरी से आत्मनिर्भरता का सफर
योजना के जमीनी क्रियान्वयन से जगिमा गांव की 10 पहाड़ी कोरबा महिलाओं का एक समूह गठित किया गया है। इससे पहले ये महिलाएं केवल घरेलू कार्यों और अनिश्चित मजदूरी पर निर्भर थीं। लेकिन प्रधानमंत्री जनमन योजना ने उनके कौशल को नई पहचान दी है।
फूल झाड़ू निर्माण से बढ़ रही आमदनी
वनधन विकास केंद्र के माध्यम से इन महिलाओं को फूल झाड़ू निर्माण का प्रशिक्षण और कार्य दिया गया है।
आर्थिक सहायता: कच्चा माल खरीदने के लिए योजना के तहत वित्तीय मदद प्रदान की गई है।
स्थाई आय: निर्मित झाड़ूओं के विक्रय से समूह को नियमित आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है।
सशक्तीकरण की नई मिसाल
समूह से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि गांव में ही रोजगार मिलने से उन्हें अब पलायन नहीं करना पड़ता। वे न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो रही हैं, बल्कि अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के प्रति भी आशान्वित हैं। शासन और प्रशासन के इस समन्वित प्रयास ने ग्रामीण अंचल की अन्य महिलाओं के लिए भी आत्मनिर्भरता की राह प्रशस्त की है।
“प्रधानमंत्री की जनजातीय उत्थान की परिकल्पना और राज्य शासन की संवेदनशीलता से पहाड़ी कोरबा समुदाय आज मुख्यधारा से जुड़कर आर्थिक संबल प्राप्त कर रहा है।”

