बलरामपुर में शिक्षकों का बड़ा प्रदर्शन: पदोन्नति में TET की अनिवार्यता समाप्त करने और पुरानी पेंशन की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले मंगलवार को जिला मुख्यालय में शिक्षकों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिले के सभी विकासखंडों से जुटे सैकड़ों शिक्षकों ने साप्ताहिक बाजार स्थल से रैली निकालकर हुंकार भरी और शासन-प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा।

सामूहिक अवकाश लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए शिक्षकों के कारण जिले की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित रही। कई स्कूलों में पढ़ाई ठप रही तो कुछ विद्यालयों में ताले लटके नजर आए।
शिक्षकों की प्रमुख मांगें:
- TET की अनिवार्यता से छूट: सेवारत शिक्षकों के लिए पदोन्नति में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की छूट देने और सेवा सुरक्षा की मांग की गई। मोर्चा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा TET प्रक्रिया के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया गया है, इसलिए पदोन्नति में इसे अनिवार्य न किया जाए।
- प्रथम नियुक्ति से सेवा अवधि की गणना: एलबी संवर्ग के शिक्षकों की सेवा अवधि की गणना पंचायत संवर्ग में उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से की जाए, ताकि उन्हें पूर्ण पुरानी पेंशन (OPS) और अन्य विभागीय लाभ मिल सकें।
- वेतन विसंगति का समाधान: लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगतियों को दूर कर केंद्रीय वेतनमान के आधार पर वेतन निर्धारण की मांग रखी गई।
- राजपत्र में संशोधन: 13 फरवरी 2026 को जारी स्कूल शिक्षा सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियमों वाले राजपत्र में एलबी संवर्ग के हित में संशोधन करने की मांग उठाई गई।
- B.Ed शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स: B.Ed योग्यताधारी शिक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए विभाग द्वारा योजनाबद्ध तरीके से ब्रिज कोर्स आयोजित करने की मांग की गई।
प्रशासन को ज्ञापन सौंप दी चेतावनी
शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जिला संचालक उपेंद्र सिंह और पवन सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते शिक्षकों की जायज मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो उग्र आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। प्रदर्शन के अंत में मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, सचिव (स्कूल शिक्षा), संचालक (लोक शिक्षण) और जिला कलेक्टर के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को संयुक्त ज्ञापन सौंपा गया।
