रामानुजगंज जिला जेल में भावुक कर देने वाला रक्षाबंधन: भाई की कलाई पर सजा प्यार, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
रामानुजगंज: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर रामानुजगंज स्थित जिला जेल परिसर का माहौल अत्यंत भावुक नजर आया। सलाहों और ऊंची चारदीवारी के पीछे अपनों से दूर बंदियों की कलाई जब बहनों के हाथों से सजी, तो कई दिलों का गुबार आंसुओं के रूप में छलक पड़ा। सुबह से ही दूर-दराज के ग्रामीण व शहरी इलाकों से पहुंचीं बहनों ने कड़े सुरक्षा घेरे के बीच अपने भाइयों को रक्षासूत्र बांधा और उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि व बेहतर कल की दुआएं मांगीं।

सुदूर इलाकों से पहुंचीं बहनें, व्यवस्था से दिखीं संतुष्ट अलसुबह से ही जेल गेट के बाहर बहनों की लंबी कतार लग गई थी। प्रशासनिक नियमों व चेकिंग प्रक्रिया को पूरा करने के बाद बहनों को अंदर जाने की अनुमति दी गई। शंकरगढ़ से भाई को राखी बांधने आईं ज्योति मिंज ने भावुक होते हुए कहा, “जेल में अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधना बेहद भावुक पल था। लेकिन जेल प्रशासन द्वारा की गई सहज व्यवस्था के कारण मुलाकात में कोई परेशानी नहीं हुई।”

अनुशासन और आत्मीयता का अनूठा समागम जेल की कठोर दिनचर्या के बीच इस खास दिन अपनों की मौजूदगी ने आत्मीयता का रंग घोल दिया। मुलाकात के दौरान बहनों ने भाइयों का हाल जाना, घर-परिवार की बातें साझा कीं और उनके जल्द रिहा होने की कामना की।
सुरक्षा व्यवस्था चुस्त, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात त्योहार के मद्देनजर सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए रामानुजगंज थाने के साथ-साथ विजयनगर और वाड्रफनगर पुलिस चौकी से अतिरिक्त बल तैनात किया गया था। जिला जेल अधीक्षक बाल्मिकी ध्रुव ने जानकारी दी कि मुलाकात प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संचालित की गई।
जेल अधीक्षक का मानवीय दृष्टिकोण: “कोई बहन निराश नहीं लौटेगी” जेल अधीक्षक बाल्मिकी ध्रुव ने बताया कि सुबह 8:30 बजे से शुरू हुआ मुलाकात का यह सिलसिला दिनभर जारी रखा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दूर-दूर से आने वाली किसी भी बहन को बिना राखी बांधे वापस नहीं लौटने दिया जाएगा और अंतिम आगंतुक के आने तक प्रक्रिया जारी रहेगी।
कड़े पहरे के बीच कुछ ही मिनटों की इस मुलाकात ने भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की मजबूती को रेखांकित किया, जहां सलाखों के पार भी रक्षासूत्र का यह बंधन पूरी निष्ठा और आत्मीयता के साथ नजर आया।
